पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं सिटीजन फॉर ग्रीन दून, मैड अबाउट दून, डू नॉट ट्रैश, तितली ट्रस्ट, फ्रेंड ऑफ द दून, आईडील, मिट्टी फाउंडेशन, पहाड़ परिवर्तन समिति समेत दर्जन भर संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य डाटकाली मंदिर के पास जमा होकर विरोध जताएंगे।
पर्यावरणविद का कहना है कि सरकार मोहंड से आशारोड़ी तक करोड़ों रुपये खर्च कर एलीवेटेड रोड बनाना चाह रही है, जिसका काम भी शुरू कर दिया गया है। लेकिन परियोजना में राजाजी टाइगर रिजर्व के 11 हजार पेड़ों का कटान होगा।
एक तरफ तो सरकार वन्यजीवों के संरक्षण पर जोर दे रही है, वहीं राजाजी टाइगर रिजर्व के हजारों पेड़ों को काटकर वन्यजीवों का आशियाना उजाड़ना चाह रही है। लेकिन सरकार की इस मंशा को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि परियोजना के पूरा होने पर सिर्फ 11 मिनट के समय की ही बचत होगी। हरियाली नहीं तो वोट नहीं आंदोलन में आगास, बीन देयर दैट दून, सिटीजन फॉर ग्रीन दून, सिटीजन फॉर क्लीन एंड ग्रीन एमबीएंस, डीएनए, डू नाट ट्रैश, द अर्थ एंड क्लाइमेट इनीशिएटिव, द इको ग्रुप दून, द फ्रेंड आफ दून सोसायटी, फ्राइडे फॉर फ्यूचर, आइडियल फाउंडेशन, खुशी की उड़ान चैरिटेबल ट्रस्ट, मेड बाय बीटीडी, मिट्टी फाउंडेशन, निरोगी भारत मिशन ट्रस्ट, पहाड़ परिवर्तन समिति, पराशक्ति, प्रमुख, राजपुर कम्यूनिटी, तितली ट्रस्ट समेत कई संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य हिस्सा लेंगे।