प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, अगला दशक उत्तराखंड का दशक होने जा रहा है। ऐसा कहकर उन्होंने उत्तराखंड को भावी विकास की दिशा दिखाई है। 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को पर्यटन, अवस्थापना, जैविक खेती, उद्यानिकी, आयुर्वेद, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, दक्ष मानव संसाधन, ऊर्जा सरीखे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ज्यादा फोकस करना होगा। राज्य की आर्थिकी पर्यटन पर आधारित है, इसलिए रेल, हवाई, सड़क के साथ अब रोपवे कनेक्टिविटी पर भी सरकार फोकस करती दिखाई दे रही है।
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संसाधन सीमित, केंद्र पर निर्भरता
उत्तराखंड राज्य के आर्थिक संसाधन बेहद सीमित है। राज्य की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन कारोबार पर निर्भर है। इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए अवस्थापना विकास से जुड़े संसाधनो जुटाना होगा। इसके लिए राज्य सरकार की पूरी तरह से केंद्र सरकार पर ही निर्भरता रहेगी। सीमांत राज्य होने और पर्वतीय क्षेत्रों से तेजी से हो रहे पलायन को रोकने की चुनौती के बीच राज्य को विकास की इबारत लिखनी है।