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नीति आयोग: 25 साल के कालखंड में विकास की क्या इबारत लिखेगा उत्तराखंड, सरकार से मांगे दस प्रमुख क्षेत्रों के लिए सुझाव

Sun, 15 May 2022 11:39 AM IST
रेनू सकलानी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून

सार

अगले 25 वर्षों के कालखंड में विकास की क्या रूपरेखा होनी चाहिए, इस पर विचार, मंथन और सुझाव के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर सचिवों के समूह गठित कर दिए गए हैं। 
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pushkar singh dhami - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगले 25 साल के कालखंड में उत्तराखंड राज्य अपने विकास की क्या इबारत लिखेगा? नीति आयोग ने प्रदेश सरकार से अगले ढाई दशक में राज्य के विकास की दृष्टि (विजन) पर सुझाव और मंतव्य मांगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कालखंड को अमृतकाल की मिसाल दी है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु को पत्र लिखकर अमृतकाल का जिक्र किया और 10 प्रमुख क्षेत्रों में राज्य की भावी रूपरेखा के बारे पूछा है। 

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अगले 25 वर्षों के कालखंड में विकास की क्या रूपरेखा होनी चाहिए, इस पर विचार, मंथन और सुझाव के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर सचिवों के समूह गठित कर दिए गए हैं। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने भी राज्य सरकार के स्तर पर नीति आयोग द्वारा सुझाए गए प्रमुख क्षेत्रों के हिसाब से सचिवों की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन कर दिया है। नीति आयोग ने 10 प्रमुख क्षेत्र चुने हैं, जिनमें भावी विकास की इबारत लिखी जानी हैं। 


सचिवों की अध्यक्षता में गठित कमेटियों से प्राप्त मंतव्यों एवं सुझावों पर मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु एक बैठक कर चुके हैं। इस बैठक में राज्य के भावी विकास से जुड़ी संभावनाओं पर उन्होंने सचिवों से सुझाव प्राप्त किए, जिसे उन्होंने नई दिल्ली में हुई कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिव समूहों की बैठक में रखा।
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प्रमुख सेक्टर और गठित कमेटियां

  • सुरक्षा एवं विदेश मामले-अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक
  • ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र- अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास, सचिव कृषि
  • अवस्थापना, वाणिज्य एवं उद्योग- प्रमुख सचिव लोनिवि, सचिव ऊर्जा, सचिव, औद्योगिक विकास और सचिव पर्यटन
  • समाज कल्याण- प्रमुख सचिव समाज कल्याण,  सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास
  • वित्त, राजस्व एवं संसाधन: सचिव वित्त(मीनाक्षी सुंदरम), सचिव वित्त सौजन्या, सचिव नियोजन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा
  • प्रौद्योगिकी एवं शासन- सचिव कार्मिक, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी, सचिव सामान्य प्रशासन
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पर्यटन, अवस्थापना और जैविक खेती पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, अगला दशक उत्तराखंड का दशक होने जा रहा है। ऐसा कहकर उन्होंने उत्तराखंड को भावी विकास की दिशा दिखाई है। 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को पर्यटन, अवस्थापना, जैविक खेती, उद्यानिकी, आयुर्वेद, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, दक्ष मानव संसाधन, ऊर्जा सरीखे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ज्यादा फोकस करना होगा। राज्य की आर्थिकी पर्यटन पर आधारित है, इसलिए रेल, हवाई, सड़क के साथ अब रोपवे कनेक्टिविटी पर भी सरकार फोकस करती दिखाई दे रही है। 

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संसाधन सीमित, केंद्र पर निर्भरता

उत्तराखंड राज्य के आर्थिक संसाधन बेहद सीमित है। राज्य की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन कारोबार पर निर्भर है। इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए अवस्थापना विकास से जुड़े संसाधनो जुटाना होगा।  इसके लिए राज्य सरकार की पूरी तरह से केंद्र सरकार पर ही निर्भरता रहेगी। सीमांत राज्य होने और पर्वतीय क्षेत्रों से तेजी से हो रहे पलायन को रोकने की चुनौती के बीच राज्य को विकास की इबारत लिखनी है।
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