कुंभ मेला 2010 में हुए घोटाले की जांच कर रहे एकल सदस्यीय एससी त्रिपाठी जांच आयोग ने अभी तक तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सहित 16 लोगों को नोटिस जारी किए हैं।
इनके अलावा 20 विभागों के अधिकारियों को कुंभ मेला के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पत्र लिखे गए हैं। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ है।
हरिद्वार निवासी रमेश चंद्र शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत कुंभ घोटाले की जांच की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी थी। समय पर जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
सूचना आयोग ने 30 सितंबर 2014 को जांच आयोग को जरुरी सूचनाएं शर्मा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
20 विभागों और अधिकारियों के नाम भी
जांच आयोग के सचिव विजयचंद्र कौशल की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के मुताबिक कुंभ मेला 2010 के संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और तत्कालीन शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को नोटिस जारी किए गए थे।
इनके अलावा तत्कालीन शहरी विकास सचिव अनूप बधावन, प्रमुख सचिव शहरी विकास एस राजू, आयुक्त गढ़वाल मंडल सुभाष कुमार, डा. उमाकांत पंवार, मेलाधिकारी आनंद वर्द्धन, सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष ललित मोहन, सागरचंद्र, एबी पाठक, बीके टम्टा, पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक भजन सिंह, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक आरएन शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता केके जैन, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आदित्य कुमार दिनकर और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभारी महानिदेशक डॉ. सीपी आर्य को भी नोटिस भेजे गए हैं।
सूचना के अधिकार के तहत उन 20 विभागों और अधिकारियों के नाम भी दिए गए हैं, जिनको जांच आयोग ने पत्र भेजकर कुंभ मेला के संबंध में सूचनाएं मांगी हैं।