उत्तराखंड के लिए नया साल नई उम्मीदें लेकर आएगा। नए साल में राज्य को नई सरकार मिलेगी तो उन बहुउद्देश्यीय महत्वाकांक्षी योजनाओं के जमीन पर उतरने की उम्मीद जगेगी, जिन पर अभी काम शुरू नहीं हो सका। वर्ष 2022 में राज्य की आर्थिकी के आधार चारधाम के लिए ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगी तो साथ ही टनकपुर और बागेश्वर रेल लाइन की प्रस्तावित योजना कुमाऊं में रेल कनेक्टिविटी की नई संभावनाओं के दरवाजे खोलेगी।
परवान चढ़ेगा चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना का कार्य
2022 का आगाज विधानसभा चुनाव से होगा। राज्य के करीब 78 लाख मतदाता उत्तराखंड के भविष्य की भावी पटकथा लिखने वाली नई सरकार का चुनाव करेंगे। नए साल में चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना का कार्य परवान चढ़ेगा। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब लोनिवि समेत सभी कार्यदायी संस्थाएं परियोजना के कार्य में जुटेंगी। 11700 करोड़ की इस परियोजना के तहत 53 सिविल कार्य होने हैं, जिनमें से 40 की स्वीकृति मिल चुकी है और 153 किमी के 13 कार्यों पर मंजूरी का इंतजार है।
माली हालत के हिसाब से राज्य सरकार को जीएसटी में मिलने वाली प्रतिपूर्ति की राहत बरकरार रखने की उम्मीद है। केंद्र सरकार को निर्णय लेना है। यदि सरकार को राहत मिलती है तो वह पांच हजार करोड़ रुपये सालाना नुकसान से बच जाएगी। करीब 5747 करोड़ रुपये की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना पर भी नए साल में कार्य शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल से एक दिन पहले इस परियोजना का शिलान्यास किया है। यूजेवीएनएल इस परियोजना का निर्माण करेगा।
परियोजना से 300 मेगावाट बिजली के साथ ही छह राज्यों को पानी की आपूर्ति हो सकेगी। तीर्थनगरी हरिद्वार में आउटर रिंग रोड और राजधानी देहरादून के लिए दिल्ली दून एक्सप्रेस हाईवे पर भी नए साल में काम शुरू होगा। योगनगरी ऋषिकेश में पुराने हो चुके लक्ष्मण झूला पुल के विकल्प के तौर पर नए सेतु का निर्माण कार्य भी नए साल में शुरू हो सकेगा।
इनके अलावा नव वर्ष में राज्य की उम्मीद 2584 करोड़ की जमरानी बहुउद्देश्यीय पेयजल योजना और करीब 1200 करोड़ की सौंग बांध परियोजना से जुड़ी है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार वाह्य सहायतित योजना के तहत फंड जुटाने की कोशिशों में जुटी है। आधिकारिक सूत्र उम्मीद कर रहे हैं कि 2022 में दोनों परियोजनाओं के लिए सरकार धनराशि जुटाकर इन पर कार्य आरंभ कर सकेगी।
ये परियोजनाएं भी हैं, जो राज्य के विकास की लिखेंगी पटकथा
इनके अलावा राज्य की बागवानी, नगरीय अवस्थापना विकास, नगरीय परिवहन सुविधा व जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं को लेकर भी राज्य की उम्मीदें जुड़ी हैं। नए साल में इन योजनाओं के लिए बाहरी वित्तीय एजेंसियों से सरकार फंड जुटाने का प्रयास करेगी।
परियोजनाएं
देहरादून-मसूरी परिवहन अवस्थापना - 1461 - एआईआईबी
एकीकृत बागवानी विकास - 251 - जीका
16 नगरों में अवस्थापना विकास - 1300 - एआईआईबी
टिहरी और जलागम क्षेत्र का विकास - 1200 - एनडीबी
हरित विकास प्रबंधन में नवाचार - 950 - एनडीबी
उत्तराखंड शहरी जल आपूर्ति - 1000 - एआईआईबी
ऊर्जा पारेषण सुदृढ़ीकरण एवं वितरण सुधार कार्यक्रम - 753 - एडीबी