प्रदेश में यूकाडा के स्तर पर 51 हेलीपेड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें चिन्यालीसौड़, नैनीसैनी, गौचर, पंतनगर और जौलीग्रांट में बड़े हेलीपैड हैं। जोशीमठ और पिथौरागढ़ में सेना के अधीन हेलीपैड का यूकाडा ने उपयोग करने की इच्छा जताई है, लेकिन सेना के अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से इनकार कर दिया है।
सेना के जोशीमठ और पिथौरागढ़ के हेलीपैड का उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) उपयोग नहीं कर सकेगा। सामरिक और सुरक्षा की दृष्टि से सेना ने हेलीपैड देने में असमर्थता जता दी है। अब मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने चमोली और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को दोनों स्थानों के आसपास हेलीपैड के लिए नई जगह तलाशने के निर्देश दिए हैं।
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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की बैठक में ये निर्देश दिए। यह बैठक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेनी थी। लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हो सके। मुख्य सचिव ने बैठक में प्राधिकरण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में बताया कि प्रदेश में यूकाडा के स्तर पर 51 हेलीपेड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें चिन्यालीसौड़, नैनीसैनी, गौचर, पंतनगर और जौलीग्रांट में बड़े हेलीपैड हैं। जोशीमठ और पिथौरागढ़ में सेना के अधीन हेलीपैड का यूकाडा ने उपयोग करने की इच्छा जताई है, लेकिन सेना के अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से इनकार कर दिया है।