अब नदियों पर हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट से ही नहीं, बल्कि इसके खाली पड़े किनारों और ऊपरी हिस्से से भी उत्तराखंड रोशन होगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद अब उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) 100 मेगावाट के ऐसे ही कैनाल बैंक और कैनाल टॉप प्रोजेक्ट स्थापित करने जा रहा है।
दरअसल, यूजेवीएनएल के तमाम हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। इनके कैनाल के किनारे खाली पड़े हैं। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए कैनाल बैंक और कैनाल टॉप योजनाएं शुरू करने को हरी झंडी दे दी थी। इसके तहत यूजेवीएनएल ने कैनाल बैंक यानी हाईड्रो प्रोजेक्ट की नदियों के किनारे 16 मेगावाट और कैनाल टॉप यानी नहरों के ऊपर एक मेगावाट का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।
ढालीपुर में नहर के ऊपर यह एक मेगावाट का प्रोजेक्ट सोलर पैनल हवा में लटकाकर संचालित हो रहा है। इनकी सफलता के बाद अब यूजेवीएनएल 100 मेगावाट के कैनाल बैंक और कैनाल टॉप प्रोजेक्ट स्थापित करने जा रहा है। यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूजेवीएनएल को हाईड्रो के साथ ही सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट स्थापित करने की भी अनुमति दी है। इसके तहत निगम जल्द ही और सोलर प्रोजेक्ट लगाने जा रहा है।
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प्रदेश में 324 मेगावाट की सोलर परियोजनाएं
उरेडा के माध्यम से भी सौर ऊर्जा के प्रोजेक्ट स्थापित हो रहे हैं। अप्रैल तक उरेडा के माध्यम से प्रदेश में 324 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं। अभी मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत भी सोलर पावर प्लांट स्थापित हो रहे हैं।