ये थे अब ये होंगे कानून
पहले - अब
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) - भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)
दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) - भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)
इंडियन एविडेंस एक्ट - भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए)
ऑनलाइन होगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
नए कानूनों के तहत न्याय प्रक्रिया के सभी घटक एक सूत्र से बंधेंगे। इनमें पुलिस, न्याय पालिका, अभियोजन और जेल शामिल हैं। अब अस्पताल भी इससे अलग नहीं रहेंगे। अब शवों के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिल सकेगी। पुलिस अधिकारी इसे स्वयं देख सकेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी ऐसे अस्पतालों (जहां पर पोस्टमार्टम होते हैं) को पत्र जारी किया गया है। इन सभी जगह यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
राज्य सरकारों को मिला है पांच वर्ष का समय
नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करना होगा। राज्य पुलिस के पास आधुनिक अपराधों की विवेचना से संबंधित उपकरण और जरूरी साजो सामान हैं तो इनकी संख्या बढ़ानी होगी। इनमें फोरेंसिक लैब का ढांचा, कैमरे आदि की जरूरत होगी। इसके अलावा तमाम दिशाओं में काम करना होगा। इसके लिए सभी राज्यों को इनके क्रियान्वयन से संबंधित सुविधाएं जुटाने के लिए पांच वर्ष का समय मिला है।