हरिद्वार जिले के गांव बुडाहेड़ी में जन्मजात विकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (तंत्रिका ट्यूब दोष) की बीमारी का मामला सामने आया है। चिकित्सकों के अनुसार यह बीमारी गर्भवती महिला की लापरवाही से होती है।
औसतन 20 हजार नवजात शिशुओं में से एक को होती है। मामला सामने आने के बाद नवजात को ऑपरेशन के लिए जौलीग्रांट रेफर कर दिया गया है।
मंगलवार को दोपहर बाद पथरी थाना क्षेत्र के गांव बुडाहेड़ी निवासी इकबाल पुत्र नफीस के घर में बेटा पैदा हुआ, लेकिन बच्चे की किलकारी के साथ ही सिर के पीछे एक बड़ी रसोली देखकर सबके होश उड़ गए।
दिमाग की झिल्ली निकल आई है बाहर
नवजात को उपचार के लिए बुधवार को जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी त्रिपाठी के पास लाया गया। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि नवजात में जन्मजात विकृति न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (तंत्रिका ट्यूब दोष) की बीमारी सामने आई है।
दिमाग के बाहर की झिल्ली हड्डी से न जुड़ने के कारण यह परेशानी होती है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बच्चे में चेतना है, उसके दिमाग की झिल्ली बाहर आई हुई है और पानी भरा हुआ है।
ऑपरेशन से इसका इलाज संभव है। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि नवजात को जौलीग्रांट रेफर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का इलाज सरकार की ओर से निशुल्क होता है।
ऐसे होती है यह बीमारी
गर्भावस्था के दौरान तीन सप्ताह में न्यूरल ट्यूब आकार लेने लगते हैं, लेकिन महिला के बीमारी से ग्रस्त होने से न्यूरल ट्यूब में ग्रोथ होना रुक जाती है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की बीमारी हो जाती है।
धूम्रपान खतरनाक
गर्भवती महिला के आसपास में धूम्रपान नहीं होना चाहिए और महिला को तो कतई नहीं करना चाहिए, क्योंकि धूम्रपान न्यूरल ट्यूब बंद कर देता है और इससे ग्रोथ रुक जाती है।