बदरीनाथ हाईवे के बाढ़ में बहने से बदरीनाथ धाम में फंसे अधिकांश तीर्थयात्रियों के चेहरों पर आपदा का खौफ साफ नजर आया। हालांकि कई तीर्थयात्री बदरीनाथ की आस्था से लबरेज भी नजर आए।
दिल्ली से अपने परिवार के साथ पहुंचे धनंजय शर्मा का कहना है कि बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश को देखते हुए आपदा का डर सताने लगा था। हमें बुधवार दोपहर को लौटना था, लेकिन हाईवे अवरुद्ध होने से बदरीनाथ में ही रुकना पड़ा।
अपने 12 सदस्यीय परिवार के साथ बदरीनाथ में फंसे रहे दिल्ली के ही तीर्थयात्री सुबोध शर्मा का कहना है कि वे मंगलवार को बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे थे। लेकिन हाईवे बंद होने से उनका परिवार धाम में ही फंस गया।
सुबोध का कहना है कि आपदा के दौरान यात्रा करना दिक्कतों से भरा है।
धाम में भी लगने लगा डर
गुजरात के कपिल भाई और शेखर पटेल का कहना है कि बदरीनाथ की अटूट आस्था के आगे आपदा कहीं नहीं टिकती है। बुधवार को जैसे ही सुना कि सड़क बंद हो गई है तो हम बदरीनाथ मंदिर में पहुंच कर भजन-कीर्तन में लग गए। बदरीनाथ में बिताए समय का पता ही नहीं चल पाया।
बृहस्पतिवार को हाईवे खुलने के बाद बदरीनाथ से लौटे यूपी के सुनीत शर्मा, कमल यादव और मयंक उपाध्याय का कहना है कि बारिश से बदरीनाथ धाम में डर लगने लगा था।
संचार सेवा सुचारु होने से अपने घरों में कुशलता की सूचना दी। हाईवे खुलने के बाद सकुशल वापस लौट रहे हैं।
मौसम अपडेट लेकर ही निकल रहे यात्री
अपनी मां और पत्नी को लेकर बदरीनाथ पहुंचे बंगाल के अतुल मुखर्जी का कहना है कि उत्तराखंड में मौसम का अपडेट लेने के बाद ही यात्रा शुरू की थी। लेकिन यहां दोपहर बाद हो रही बारिश से दिक्कतें आ रही हैं।
तीर्थयात्रियों का कहना था कि पुलिस ने हाईवे बंद होने पर उन्हें पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया था।
कुछ यात्रियों का कहना था कि हाईवे बंद होने के बाद वे बदरीनाथ या जोशीमठ वापस चले गए। ऐसे में खाने-पीने या ठहरने की कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि रास्ता ज्यादा समय तक बंद रहता तो मुश्किल होती।