सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि देश में सत्ता परिवर्तन तो हुआ है लेकिन अभी अंग्रेजों का बनाया तंत्र बदलना बाकी है। उन्होंने मोदी को अभिमन्यु की भूमिका में बताते हुए कहा कि वह समस्याओं से घिरे हुए हैं।
इनसे पार पाने के लिए उन्हें समाज के सहयोग की जरूरत है। तभी वह देश के तंत्र को बदलने में कामयाब होंगे।
पतंजलि योगपीठ में आयोजित आरएसएस के तीन दिवसीय नवसृजन शिविर में भाग लेने के लिए मोहन भागवत शुक्रवार सुबह हरिद्वार पहुंचे। दोपहर में उन्होंने कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यती सम्राट स्वामी प्रकाशानंद महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया।
शाम को परमार्थ आश्रम में सर संघचालक ने हरिद्वार के प्रमुख संतों के साथ बैठक की। इसमें भागवत ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश में विश्वास ढहने की प्रक्रिया थम गई है। शाम सवा छह बजे पतंजलि योगपीठ के फेज-2 में उत्तरांचल प्रांत के नवसृजन शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से पांच हजार युवा प्रतिभाग कर रहे हैं।