नैनीताल के तराई पूर्वी वन प्रभाग के किशनपुर में शेर नाले के पास मवेशियों को जंगल में चराने गए 60 साल के बुजुर्ग को बाघ ने मार डाला। उनके दो साथियों ने भागकर जान बचाई।
जीतपुर पूर्वी गोलापार निवासी चनर सिंह संभल (60) पुत्र शेर सिंह अपने दो साथी सुरेंद्र सिंह और जीवन सिंह के साथ रविवार को तराई वन प्रभाग के जंगल में मवेशियों को चराने ले गए थे। दोपहर बाद चार बजे चनर सिंह शेर नाले के पास मवेशियों को चरा रहे थे। उनके दो साथी करीब 200 मीटर दूर खड़े थे। चनर सिंह पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। सुरेंद्र सिंह और जीवन सिंह ने यह नजारा देखा तो चीखपुकार मच गई।
डर के मारे वे चनर के पास नहीं गए। उन्होंने भागकर जान बचाई और फोन से गांववालों को सूचना दी। जब तक ग्रामीण पहुंचते बाघ वहां से जा चुका था और चरन की सांसें थम चुकीं थीं। चोरगलिया थानाध्यक्ष संजय जोशी, वन विभाग की किशनपुर रेंज वन क्षेत्राधिकारी केसी कफल्टिया, नंधौर वन क्षेत्राधिकारी शालिनी जोशी भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। पंजों के निशान के आधार पर शालिनी जोशी ने कहा कि हमलावर बाघ ही था।
बता दें कि जनवरी में दानीबंगर गौलापार के पास किशनपुर रेंज के जंगल में घास काटने गई करीब 12 महिलाओं पर बाघ ने हमला कर दिया था, जिसमें तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। एक महीने पहले गौलापार के कुछ लोगों ने मुख्य मार्ग के पास बाघ को देखा था। मार्च में गौलापार नई आबादी में एक खेत में बाघ घायल अवस्था में दिखा था।
वन्यजीवों के हमले में कई की जा चुकी जान
- 19 जनवरी 2006 को ढेला में बाघ ने गोदी देवी को अपना शिकार बनाया था।
- बिजरानी में 4 फरवरी 2009 में ढिकुली की रहने वाली भगवती नैनवाल को मारा डाला।
-12 नवंबर 2010 को बाघ ने सुंदरखाल निवासी नंदी देवी, 29 दिसंबर 2010 को सुंदरखाल निवासी देवकी देवी, 9 जनवरी 2011 को गर्जिया निवासी शांति देवी की जान चली गई थी।
- 14 जनवरी 2014 में कालागढ़ में हरनंदी देवी, 9 फरवरी 2014 में कालागढ़ में रामचरण सिंह, पांच अक्तूबर 2015 को ढेला में देवकी देवी बाघ के हमले का शिकार हुई थीं।
- 3 नवंबर 2018 को ढिकाला में बिजनौर निवासी मजदूर पंकज को बाघ ने अपना शिकार बनाया।
-22 जुलाई 2012 में बीट वाचर दीवान राम को सर्पदुली में बाघ ने मारा।
- 20 अक्तूबर 2013 में कालागढ़ में बीट वाचर राजेश कुमार शर्मा को बाघ ने मारा, 25 मार्च 2014 को सर्पदुली में बाघ ने कृपाल राम को मारा।
- 22 मार्च 2016 को सर्पदुली में गश्त के दौरान बाघ ने बीट वाचर कृष्णपाल सिंह को शिकार बनाया।
- 8 अप्रैल 2016 को सर्पदुली में बीट वाचर हरी राम, 13 अगस्त 2019 में ढिकाला में बीट वाचर बिशन राम, 11 फरवरी 2021 में बिजरानी रेंज में कमला देवी बाघ का शिकार हुईं।
- पिछले साल जुलाई में किशनपुर रेंज के अंतर्गत दानीबंगर क्षेत्र में हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी।
-2017 में भी हाथी के हमले में एक किसान की मौत हो गई थी।