हाईकोर्ट ने अपहरण के मामले में बाबा रामदेव के भाई रामभरत की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विपक्षीगणों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, अदालत ने याची को जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए तथा सरकार को निर्देशित किया कि वह नितिन त्यागी को कोर्ट के समक्ष पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी।
मुकदमा दर्ज कराया
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बाबा रामदेव के भाई रामभरत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 21 अक्टूबर 2013 को थाना कनखल हरिद्वार में सोमदत्त पुत्र मुंशी ग्राम रेई जनपद मुजफ्फरनगर निवासी ने अपने पोते नितिन त्यागी पुत्र गोपाल त्यागी निवासी रेई के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
पतंजलि फूड पार्क लक्सर में नौकरी
जिसमें कहा गया था कि उनका पोता दो साल पहले पतंजलि फूड पार्क लक्सर में नौकरी करता था। 18 अक्टूबर 2013 को वह थाना कनखल क्षेत्र में रामदेव की पुलिया के पास खड़ा था तभी बाबा रामदेव का भाई रामभरत वहां से गुजर रहा था और उसके साथ मौजूद कमांडो उसे पकड़कर अपने साथ ले गए।
याची के मुताबिक उस पर लगाया गया आरोप झूठा है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बाबा रामदेव के भाई रामभरत की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विपक्षीगणों से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।