नाग पंचमी के दिन शुभ योग बनने से जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष है उनके लिए यह पर्व बहुत ही शुभ रहेगा। मान्यता है नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती है। नाग पंचमी के अवसर पर की जाने वाली पूजा से राहु-केतु के बुरे प्रभाव एवं कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
नाग पंचमी के दिन चांदी धातु से निर्मित नाग-नागिन का जोड़ा बनवाएं और उसका पूजन करने के पश्चात् बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। यदि आपको नाग पंचमी पर सपेरा दिखे तो उससे नाग या जोड़ा पैसे देकर जंगल में छुड़वाएं। इस उपाय को करने से आपको कालसर्प दोष से मुक्ति मिलेगी।
यदि संभव हो सके तो नाग पंचमी के दिन किसी ऐसे शिव मंदिर में जहां शिवजी पर नाग नहीं हो वहां प्रतिष्ठित करवाएं। इस उपाय को करने से आपको नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। चंदन की लकड़ी के बने 7 मौली शिव मंदिर में चढ़ाएं। शिवजी को चंदन की लकड़ी या चंदन का इत्र चढ़ाएं और नित्य स्वयं लगाएं। ऐसा करने से आपको भगवान शिव का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा।
नाग पंचमी के दिन किसी शिव मंदिर में साफ-सफाई जरूर करें। यदि संभव हो तो शिव मंदिर में किसी तरह का नवनिर्माण करा सकते हैं अथवा मंदिर की मरम्मत या उसकी पुताई आदि का भी कार्य करा सकते हैं। नाग पंचमी के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंगि पर विजया, अर्क पुष्प, धतूर पुष्प, फल चढ़ाएं तथा दूध से रुद्राभिषेक करवाएं।