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रणजीत वर्मा पंचतत्व में विलीन, सैकड़ों लोगों ने दी विदाई, लेकिन प्रशासन का कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा

Wed, 04 Sep 2019 09:37 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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रणजीत सिंह वर्मा की अंतिम यात्रा में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व विधायक और वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रणजीत वर्मा मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास से लक्खीबाग तक अंतिम यात्रा निकली, जिसमें शामिल होकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजली दी। वहीं, प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा न पहुंचने पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई।

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मंगलवार सुबह से ही राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजली देने वालों का तांता लगा रहा। इसके बाद उनके आवास से बिंदाल चौक, तिलक रोड, सहारनपुर चौक होते हुए लक्खीबाग के लिए अंतिम यात्रा रवाना हुई। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उनके  पुत्र अजय वर्मा और अरुण ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की। बड़े पुत्र अजय वर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी।

अंतिम यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक विनोद चमोली, प्रीतम पंवार, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, हीरा सिंह बिष्ट, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगराण, प्रदीप कुकरेती, जगमोहन नेगी, रामलाल खंडूडी, मोहन खत्री, जयदीप सकलानी, सुशीला बलूनी, डा. विजय धस्माना, विवेकानंद खंडूरी, देवेंद्र भसीन, इंद्रभूषण बडोनी, डा. अतुल शर्मा, अशोक वर्मा, पूर्व गृह सचिव विनोद शर्मा, ब्रिगेडियर (सेनि) केजी बहल, शीशपाल गुसांई समेत अन्य मौजूद रहे।

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संगठनों-संस्थाओं ने जताया दुख

पूर्व विधायक व वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रणजीत वर्मा के निधन पर कई सामाजिक व राजनीतिक संगठनों और संस्थाओं ने शोक व्यक्त किया है। नई दिशा एजुकेशन ट्रस्ट, अखिल गढ़वाल सभा, राज्य आंदोलनकारी सेनानी मंच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, नेताजी संघर्ष समिति समेत अन्य संगठनों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए दुख जताया।

प्रशासन की बेरुखी पर रोष
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और पूर्व विधायक रणजीत वर्मा के अंतिम संस्कार में प्रशासन के किसी भी नुमाइंदे के न पहुंचने पर राज्य आंदोलनकारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उनके नजदीकी रहे राजेंद्र खत्री, राधे बहुगुणा, तजेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, महेश रावत, सुशील मन्वाल, ओमी उनियाल, शंकर चंद रमोला, अनिल डबराल, प्रदीप डबराल, जगमोहन मेंदीरत्ता ने कहा कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होना चाहिए था।

राजकीय शोक घोषित करने की मांग
चयनित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप और केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने रणजीत वर्मा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उनके निधन पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित करना चाहिए।
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