कारोबारी जय सिंह की पहली पत्नी कुलवंत कौर और उनकी गोद ली बेटी हरजीत कौर ने रिश्ते में सौतेले हरमीत सिंह के गलत इरादों को पहले ही भांप लिया था।
रिश्तों के बीच नफरत की दीवार
उन्होंने कई बार खतरे की आशंका भी जताई, लेकिन जय सिंह इसे वहम कहकर टालते रहे। डर इतना था कि वे उसके कमरे में भी अकेले नहीं जाते थे। दिवाली की रात मां और बेटी का यह डर सही साबित हुआ।
हरमीत ने जय सिंह पर चाकू से इतने वार किए कि उन्हें अपनी गलती का अहसास करने का मौका भी नहीं मिला। रिश्तों में नफरत की दीवार तो जय सिंह की दूसरी शादी के खुलासे के साथ ही खड़ी हो गई थी।
कानूनी फजीहत से बचने के लिए जय सिंह ने दूसरी पत्नी को भी घर में रखने की इच्छा जताई थी, लेकिन पहली पत्नी कुलवंत कौर तैयार नहीं हुईं।
वंश चलाने का तर्क देकर जय सिंह दूसरी पत्नी से हुए बेटे हरमीत सिंह को नौ साल पहले कानूनी रूप से घर लाने में कामयाब तो हो गए, लेकिन उनका परिवार उसे स्वीकार नहीं कर पाया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सौतेली मां कुलवंत कौर और बहन हरजीत कौर को डर था कि हरमीत उन्हें मार सकता था। दोनों उसके कमरे में भी अकेले नहीं जाती थीं। यही वजह थी कि हरमीत के आने-जाने के लिए बाहरी गली का रास्ता रखा गया था।
डर का अंदाजा इस बात भी लगाया जा सकता है कि हरमीत एक बार हरजीत की ससुराल यमुनानगर भी पहुंच गया था, लेकिन हरजीत ने पति को उसके साथ यह कहकर अकेले नहीं सोने दिया कि उस पर कोई विश्वास नहीं है, वह कुछ भी कर सकता है।
मां-बेटी ने जय सिंह और दूसरे रिश्तेदारों के सामने भी खतरे की बात कहीं थी। पिता ने कभी उनकी आशंका को तवज्जों नहीं दी। एसपी सिटी अजय सिंह ने भी माना कि मां-बेटी ने यह आशंका कई बार जाहिर की, लेकिन जय सिंह को यह नहीं लगता था।
दूसरी बीवी के परिवार के बयान दर्ज
कत्ल कर दिए गए कारोबारी की तलाक शुदा बीवी अनिता, उसके पुत्र पारस और पहले पति के बेटे हनी को बहाने से सहारनपुर से दून लाई। पुलिस ने हरमीत सिंह को बीमार बताया था। यह सुनकर तीनों पुलिस के साथ यहां आ गए थे।
पुलिस उनसे कई दौर की बातचीत कर चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था, क्योंकि जांच में अभी तक किसी भी लिहाज से उनका कोई रोल नहीं पाया गया है।
उन्हें बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था। बयान दर्ज कर उन्हें वापस भेज दिया गया।
निकलवा दी थी खिड़की की चटखनी
हरमीत सिंह की हरकतों को लेकर जय सिंह परिवार काफी तनाव में था। पुलिस की माने तो कभी-कभी जय सिंह खुद को अपने कमरे में बंद कर लेता था। दरवाजे खुलवाने के लिए काफी कसरत करनी पड़ती थी।
यही वजह थी कि कमरे की चटखनी तक निकलवा दी गई थी। एसपी सिटी अजय सिंह के मुताबिक पिता बेटे हरमीत को बाला जी भी ले गए थे। पलटन बाजार के एक दुकान ने यह भी बताया कि पिता जल्द ही उसे हरियाणा में एक धर्मगुरु के पास ले जाने की तैयारी में थे।