एचएमटी कर्मियों के वीआरएस को लेकर चल रही खींचतान अब वित्त मंत्रालय के पास पहुंच गई है। 2007 के वेतनमान के अनुरूप वीआरएस देने का फैसला वित्त मंत्रालय को लेना है।
अधिकारी-कर्मचारियों में ऊहापोह
एचएमटी वाच ग्रुप की रानीबाग इकाई में 526 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। वाच ग्रुप के बंद होने की खबर से अधिकारी-कर्मचारियों में ऊहापोह की स्थिति है। रानीबाग इकाई के कर्मचारियों को अभी 1992 के वेतनमान के अनुरूप वेतन मिल रहा है।
जबकि 1997, 2002 और 2007 में वेतनमान केंद्रीय कर्मियों को दिया गया था, जिससे एचएमटी कर्मी वंचित रहे। अधिकारियों-कर्मचारियों को वीआरएस देने के लिए एक माह पूर्व आवेदन करने को कहा गया था। लगभग 150 अधिकारियों-कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए अपनी सहमति दी थी।
अधिकारी-कर्मचारी काफी लंबे समय से 2007 के वेतनमान के अनुरूप वीआरएस की मांग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार 1992 के वेतनमान के अनुरूप अगर अधिकारी-कर्मचारी वीआरएस लेते हैं तो 15 से 18 लाख रुपए मिलेंगे, जबकि 2007 का वेतनमान लागू होने पर 30 से 35 लाख रुपए अधिकारी-कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है।
2007 का वेतनमान दिए जाने संबंधी फाइल वित्त मंत्रालय के पास पहुंच गई है। वित्त मंत्रालय की अगर मुहर लगती है तो इसे कैबिनेट में पास कराने के लिए भेजा जाएगा।