पृथ्वी की परिक्रमा के दौरान रविवार रात्रि चंद्रमा इस वर्ष धरती के सर्वाधिक निकट पहुंचा। आगामी 9 सितंबर को भी यह घटना होगी।
रविवार को रात्रि करीब तीन बजे चांद अपेक्षाकृत दस प्रतिशत अधिक चमकीला नजर आया। हालांकि बादल होने के कारण कई जगह चांद नहीं दिखाई दिया।
धरती की परिक्रमा के दौरान चांद अपनी परिक्रमा के पथ के अंडाकार होने के कारण कभी पृथ्वी के सर्वाधिक निकट तो कभी सर्वाधिक दूर पहुंच जाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार किसी वर्ष में निकट पहुंचने की यह घटना चार-पांच बार भी हो जाती है। इसी को हाल में एस्ट्रोनोकर रिचर्ड नोल ने सुपरमून की संज्ञा दी थी जो अब बहुत प्रचलित हो चुकी है।
रविवार रात 3 बजकर नौ मिनट पर घटेगी दूरी
चंद्रमा अपनी परिक्रमा के दौरान सर्वाधिक 406567 किमी दूर तक पहुंचता है, यदि परिक्रमा के दौरान इसकी दूरी इससे दस प्रतिशत तक कम हो जाए तो इसे सुपरमून कहा जाने लगा है।
रविवार रात्रि 3 बजकर नौ मिनट पर यह दूरी घटकर 49671 किमी तक हो सकती है। इस वर्ष अब तक तीन बार एक जनवरी, 30 जनवरी, 12 जुलाई को भी यह घटना घट चुकी है।
आगामी 9 सितंबर को भी यह घटना होगी लेकिन 2014 में चांद पृथ्वी के सर्वाधिक निकट 10 अगस्त की रात्रि को ही रहा है।
31 को देखें शनि, मंगल और चांद की आकर्षक युति
आर्यभट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक सतीश आर्या ने बताया कि यदि आकाश साफ रहा तो वेधशाला से इस दृश्य की रिकार्डिंग एवं अध्ययन किया जाएगा।
आगामी 31 अगस्त को पुन: दक्षिणी आकाश में एक आकर्षक नजारा नजर आएगा, जब दो चमकीले ग्रह मंगल एवं शनि की युति अर्धचंद्र के साथ त्रिकोण के रूप में नजर आएगी।
वर्तमान में मंगल एवं शनि एक दूसरे के निकट आ रहे हैं जो 31 अगस्त को बहुत नजदीक आ जाएंगे और सूर्यास्त के बाद अर्धचंद्र के साथ आकर्षक नजारा पेश करेंगे।