एक मिनट बाद फिर से वही युवक आया और कहने लगा कि उनके हेड ऑफिस से शिकायत है इसलिए देखना ही होगा। इस पर मंगलेश ने उसे अंदर बुला लिया। उस वक्त मंगलेश ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली अपनी बेटी से बात कर रही थीं। बात करते-करते ही उन्होंने ब्रॉडबैंड दिखाया, लेकिन उसमें कोई कमी नहीं थी। इस पर उसने ऊपर जाने की बात कही। मंगलेश ने बेटी का फोन काटा और युवक को ऊपर ले गईं। वहां भी कोई कमी नहीं निकली तो वह नीचे आए। युवक फिर से रिसीवर (ब्रॉडबैंड का) में कुछ देखने लगा और उनसे पानी मांगा।
पानी लेकर आई मंगलेश शर्मा ने देखा कि युवक ने कुछ छिपा रखा है। मंगलेश युवक से पूछा तो उसने उन पर पिस्तौल तान दी और जेवर उतारने को कहा। उन्होंने हाथ के कड़े, चेन, कानों के टॉप्स आदि दे दिए। बदमाश ने कहा कि लॉकर खोलो तो वह उसे अंदर ले गईं। यहां मंगलेश ने कहा कि वह खुद अलमारी में देख ले कि क्या-क्या रखा है। महिला ने शोर मचाया तो गुस्साए बदमाश ने गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली नीचे फर्श में लगी। इसी का फायदा उठाकर मंगलेश वहां से भागकर बाहर आ गईं। यहां उन्होंने शोर मचाया तो बाहर मौजूद बच्चों मे कुछ पैरेंट्स ने उसका बाइक से पीछा किया।
बदमाश ने गली के नुक्कड़ से अपना बैग उठाया और आईएसबीटी की ओर भागने लगा। भागते-भागते उसने लोगों पर भी फायर झोंक दी। इस बीच लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने आईएसबीटी और इसके आसपास नाकेबंदी कर दी। आईएसबीटी चौकी पुलिस ने बसों में चेकिंग शुरू कर दी। देखा कि बदमाश एक वोल्वो बस में छिपकर बैठा हुआ है। उसने पुलिस पर भी पिस्तौल तान दी। लेकिन, पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम दीपेंद्र चौधरी निवासी चंद्रबनी, पटेलनगर बताया। उसके बैग से पुलिस ने लूटे गए जेवर और हाथ से पिस्तौल भी बरामद कर ली। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
पहले भी जा चुका है चोरी के आरोप में जेल
शनिवार शाम को डीआईजी जन्मेजय खंडूड़ी ने घटना के खुलासे के संबंध में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि आरोपी पहले भी पटेलनगर थाना क्षेत्र से चोरी के मामले में जेल जा चुका है। वह एक फाइबर केबल ठीक करने वाली कंपनी में काम करता था। लेकिन, वर्तमान में उसके पास कोई काम नहीं था। नशे का आदी हो चुका था। ऐसे में उसने कई चोरियों को अंजाम दिया और अब लूट कर डाली।
तीन दिन पहले चुराई थी पिस्तौल
आरोपी दीपेंद्र चौधरी ने काम करने के बहाने तीन दिन पहले एक और घर में प्रवेश किया था। यह घर मोहब्बेवाला चंद्रबनी स्थित शमीम आलम का था। यहां से उसने उनकी लाइसेंसी पिस्तौल (आठ-एमएम) चुरा ली थी। पिस्तौल में उस वक्त नौ कारतूस थे। इनमें से उसने छह कारतूस शनिवार को फायर कर दिए। जबकि, तीन उससे पिस्तौल की मैग्जीन में भरे हुए थे। पिस्तौल चोरी के मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।