बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कोर्ट ने उत्तराखंड के शिक्षामंत्री के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई का नोटिस दिया है।
अदालत में पेश नहीं हुए तो होगी कुर्की
देर शाम पुलिस ने नोटिस को मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की कोठी में चस्पा भी कर दिया। अब यदि मंत्री अदालत में पेश नहीं होंगे तो उनकी संपत्ति कुर्क हो सकती है।
प्रदेश में विकल्पधारी शिक्षकों को उत्तर प्रदेश भेजने सहित कई मांगों के लिए प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ ने मंत्री प्रसाद नैथानी के नेतृत्व में दस अप्रैल 2001 को विधानसभा कूच किया था। आरोप है कि पुलिस ने रिस्पना पुल के पास उन्हें रोकने का प्रयास किया तो पथराव कर दिया गया।
मार्ग से आने जाने वाले वाहनों की तोड़फोड़ की गई। थाना डालनवाला पुलिस ने मामले में मंत्री प्रसाद नैथानी सहित 22 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में मंत्री और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कुर्की और गैर जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन कोर्ट के आदेश तामील नहीं हो पा रहे थे।
सीजेएम ने हाल ही में डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पुलिस से आदेश तामील कराने को कहा था। मामले में सोमवार को पुलिस ने 82 की कार्रवाई की है। अब यदि मंत्री कोर्ट में पेश न हुए तो उनके खिलाफ धारा 83 की कार्रवाई हो सकती है।