उत्तराखंड परिवहन निगम के मिले टैंडरों में साझेदार बनाने का झांसा देकर ठेकेदार से पौने तेरह लाख रुपए ठग लिए।
मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु
इस मामले में तिवारी सरकार के समय दर्जाधारी मंत्री रहे शैलेश कुमार वर्मा समेत सात को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु कर दी है।
राजपुर रोड के प्लीजमेंट वैली निवासी आसिम मसूद ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि पूर्व दर्जाधारी मंत्री रहे शैलेश कुमार वर्मा ने उन्हें उत्तराखंड परिवहन निगम की देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और हल्द्वानी की बसों की क्लिनिंग और रेस्टोरेंट के टैंडर मिलने का दावा किया।
बाकायदा परिवहन निगम के कागजात भी दिखाए। सरकारी ठेकों में साझेदार बनाकर उससे 12 लाख 72 हजार रुपए वसूल लिए। काफी दिनों से उसे झांसा दिया जाता रहा। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो पता चला कि यह ठेके तो यूपी के किसी शख्स के नाम दिए गए।
रुपए के लिए दबाव बनाया गया तो उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। मुकदमें में किशनपुर निवासी वर्मा के अलावा उनके पिता भी आरोपी बनाए गए है। एसओ राजपुर राजेश शाह का कहना है कि जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।