प्रदेश में दवा संकट का मामला उछलने के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल बुधवार को खुद फील्ड में उतरी। उन्होंने दून अस्पताल में दवाओं के स्टोर और डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया। सीएमओ और सीएमएस के साथ बैठक कर उन्होंने दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों को हालात से अवगत कराया।
नई औषधि क्रय नीति के मुताबिक दवाओं की खरीद नहीं होने से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट बना हुआ है। विशेषकर मुख्य चिकित्साधिकारियों के स्तर से किसी भी जिले में दवाओं की खरीद नहीं हो पाई है।
खबर छपने पर जागा विभाग
अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर बुधवार को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल को तलब किया। प्रमुख सचिव के निर्देश पर डीजी ने दून अस्पताल पहुंचकर स्टोर और डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया। उन्होंने खत्म हो चुकी और कमी वाली दवाओं के संबंध में जानकारी हासिल की।
इसके बाद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अपडेट किया। अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि एंटी रैबीज वैक्सीन, आईबी फ्लूड, टिटनेस की कमी के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। इसके बाद बुधवार को अस्पताल को एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई।
आठ को मिलेगा आईबी फ्लूड
दून अस्पताल में आईबी फ्लूड की उपलब्धता आठ फरवरी तक होगी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल ने बताया कि एंटी रैबीज बड़े अस्पतालों को उपलब्ध कराई जा रही है। आठ फरवरी को आईबी फ्लूड उपलब्ध करा दिया जाएगा।