जम्मू कश्मीर के बारामुला के राफियाबाद में आतंकी मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए दून निवासी राइफलमैन शिशिर मल्ल का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को दून पहुंच गया। पार्थिव शरीर को हवाई रास्ते से देहरादून लाकर मिलिट्री हॉस्पिटल में रखा गया। शुक्रवार सुबह 10 बजे चंद्रबनी स्थित शमशानघाट पर शहीद का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दून के चंद्रबनी निवासी राइफलमैन शिशिर मल्ल बारामुला (कश्मीर) के राफियाबाद में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह मिलिट्री हॉस्पिटल से उनके पैतृक आवास लाया जाएगा।
सुरक्षा बलों ने बुधवार को राफियाबाद में नौ घंटे चली भीषण मुठभेड़ में आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम के आतंकी को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में 32 राष्ट्रीय राइफल्स के राइफलमैन शिशिर मल्ल शहीद हो गए थे।
पिता से मिला देश के लिए लड़ने का जज्बा
शहीद शिशिर के पिता सूबेदार मेजर सुरेश बहादुर मल्ल 3/9 गोरखा राइफल से रिटायर थे। करीब 11 साल पहले शिशिर ने राजा राम मोहन राय एकेडमी से 12वीं करने के बाद 3/9 गोरखा राइफल ज्वाइन की थी।
इन दिनों वह 32 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। छोटा भाई सुशांत मल्ल भी 1/11 गोरखा राइफल में है। खास बात यह है कि तीनों ही पिता-पुत्र फुटबॉल के बहुत अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। घर में रखी ट्रॉफी और मेडल इस बात की गवाही देते हैं। बड़े भाई की शहादत की खबर मिलते ही सुशांत भी छुट्टी लेकर घर आ गए हैं।
राइफलमैन शिशिर मल्ल की शहादत की खबर मिलते ही पूरे चंद्रबनी इलाके में मातम पसर गया। शिशिर का परिवार चंद्रबनी में रहता है। मार्च में पिता सूबेदार मेजर सुरेश बहादुर मल्ल (रिटायर) का निधन पर शिशिर घर आए थे। उनके नवंबर में छुट्टी आने की योजना थी। शहीद शिशिर के पड़ोसियों ने बताया कि मंगलवार को ही उनकी अपनी बुआ के लड़के से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह नवंबर में छुट्टी पर आ रहे हैं, लेकिन इससे पहले ही शहादत की खबर ने पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया।
पत्नी पर टूटा पहाड़, जो ढांढ़स बधाने आया रो पड़ा
पति की शहादत की खबर के बाद से पत्नी संगीता बेसुध हैं। कुछ माह पहले वह मां बनने की खुशी के इंतजार में थी कि दुनिया देखने से पहले ही संतान ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया। वह इस दुख से उबर भी नहीं पाई थी कि बुधवार को उसकी दुनिया ही उजड़ गई।
बृहस्पतिवार को भी वह सुबह से शाम छह बजे तक बेहोशी की हालत में रहीं। आस पड़ोस के लोग और रिश्तेदार ढांढस बंधाने आते रहे, वहां संगीता की हालत देखकर वे ही बिलख उठते।
जताई संवेदना
राइफलमैन शिशिर की शहादत की खबर के बाद तमाम राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी उनके प्रति संवेदना प्रकट की। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने दुख जताते हुए सांत्वना दी। उनके घर ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा है। सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, पूर्व ब्लाक प्रमुख विपिन कुमार समेत कई लोगों ने परिवार को सांत्वना दी। सीएम हरीश रावत के भी शुक्रवार को शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है।