पौड़ी से रामनगर जा रही बस विपरीत दिशा से आ रहे पिकप वाहन को बचाने में पलट गई। इसमें 22 लोग घायल हो गए। तीन की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां तीनों खतरे से बाहर हैं।
पाबौ के राजस्व निरीक्षक रामपाल सिंह रावत ने बताया कि बस संख्या यूके 12पीए 0065 बृहस्पतिवार को सुबह पांच बजे पौड़ी से रामनगर के लिए रवाना हुई। करीब साढे़ छह बजे पाबौ में सिमखेत गांव के ऊपर पहुंचते ही सामने से आ रहे पिकप वाहन को बचाने में साइड देते समय बस का पट्टा टूट गया। इससे बस सड़क पर पलट गई।
बस में सवार 22 घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए 108 वाहन सेवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ ले गए। घायलों में से विजय भंडारी, अजीत सिंह, नंदन सिंह रावत को ज्यादा चोट लगने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
बस में 50 लोग थे सवार, देखें घायलों की सूची
जीआईसी भगवती तलैया के व्यायाम शिक्षक मैथली प्रकाश ने बताया कि बस में पचास लोग सवार थे। इनमें पौड़ी रेफर किए गए विजय भंडारी, अजीत सिंह समेत कई विद्यार्थी और शिक्षक जिला स्तरीय शरदकालीन खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर लौट रहे थे।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद टोलिया ने बताया जिला अस्पताल में आए तीन घायलों में से नंदन सिंह को छुट्टी दे दी गई है। विजय भंडारी और अजीत सिंह की हालत अब ठीक है।
घायलों की सूची
उस्मान (18) नजीबाबाद, इरफान (46) नजीबाबाद, अकरम (35) नजीबाबाद, मो. इरशाद(36 ) नजीबाबाद, मुकेश खंकरियाल (25) बुरांशी, वीरेंद्र झिंकवाण (57) चोपड़ियू, संगीता देवी (31) कमडई, अजीत सिंह (19), चोरखिंडा, विजय भंडारी (16) मेलधार, आशीष बिष्ट (16) क्वीन, धर्मेंद्र शाह (13) पल्ला कसाण, मदन लाल (58), मुसेटी, कु. शीलत रावत(17) गुलिंडा, नंदन सिंह (44) ग्वाल्थी, सुरेंद्र सिंह (60) छतरीधार पौड़ी, उर्मिला देवी (36) छतरीधार पौड़ी, मेघा रावत (34) दुमेला तल्ला, प्रियंका गुसांई (34) गुठिंडा, पिंकी रावत(16)दुमेला तल्ला, सूरज नेगी (17) बुरांशी पानी, मैथली प्रकाश निवासी कनेरा, अंजली (16) रिखाल्ड
एक घंटे तक लगा रहा जाम
बृहस्पतिवार को पाबौ में सिमखेत गांव के ऊपर बस पलटने से बुआखाल-रामनगर काशीपुर मोटर मार्ग एक घंटे तक जाम रहा। दुर्घटना के एक घंटे बाद मौके पर पहुंची जेसीबी मशीन ने सड़क को ऊपरी तरफ से काटकर वाहनों को पास करने लायक बनाया। तब जाकर यातायात सुचारु हुआ।