क्षेत्र के ग्राम सकरोल स्थित शुक्राड देवता के मंदिर में विवाहित महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर गांव व जौनसार बावर क्षेत्र की खुशहाली व परिवारों की सुरक्षा व समृद्धि की प्रार्थना की। महिलाओं ने आपसी सहयोग से आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। देवता को बकरा भी चढ़ाया।
जौनसार बावर में विवाहित महिलाओं के जेठ व माघ माह में अपने मायके में रहने की परंपरा है। इसी परंपरा के मद्देनजर ग्राम सकरोल की अपने मायके आई विवाहित महिलाओं ने अपने कुल देवता शुक्राड महाराज के मंदिर में पूर्जा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने परिवारों व क्षेत्र के निवासियों की सुख, समृद्धि व देश में शांति की प्रार्थना की। पूजा अर्चना के दौरान उन्होंने परंपरा के हिसाब से एक बकरा भी देवता को भेंट किया। उन्होंने आपसी सहयोग से आयोजित किए भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के साथ लोक संगीत व नृत्य की प्रस्तुति भी दी। इस मौके पर सरला तोमर, यशोधा देवी, अनीता देवी, रोशनी देवी, रीता देवी, निकिता, पूजा देवी, विनीता, ममता, उजला देवी उपस्थित रहे।