पुलिस पर पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दस आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके अलावा पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
वरिष्ठ उप निरीक्षक नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि गिरफ्तार सभी दस आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि, अन्य नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने कई जगह दबिश दी। लेकिन, किसी का कहीं पता नहीं चल पाया। उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद की गई है। शरारती तत्वों पर नजर रखी जा रही है। वरिष्ठ उप निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बवाल, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, तोड़फोड़ आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
गौरतलब है कि 16 जनवरी को झिटाड़ त्यूनी निवासी युवक को अगवा कर हत्या कर दी थी उसकी बाद आरोपियों ने शव नहर में फेंक दिया था। इससे गुस्साए क्षेत्र के लोगों ने रविवार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शव बरामद करने की मांग को लेकर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया था। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इस दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर वाहनों में तोड़फोड़ कर दी थी। पथराव में एसडीएम जितेंद्र कुमार और सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी सहित कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं थीं। पुलिस क्षेत्राधिकारी की जीप भी क्षतिग्रस्त कर दी गई थी।
ये हुए गिरफ्तार
1- संदीप चौहान, ग्राम लक्षमणपुर थाना विकासनगर।
2- मुन्ना सिंह चौहान, झिटाणू थाना त्यूनी।
3- राजेंद्र जोशी, ग्राम सुजऊ थाना चकराता।
4- कलमू, ग्राम अमराड़ थाना चकराता।
5- शूरवीर सिंह, टोंस कॉलोनी डाकपत्थर थाना विकासनगर।
6- विकास खन्ना, पाटा सहिया थाना कालसी।
7- रविलाल, ग्राम भैमू थाना चकराता।
8- सचिन तोमर, ग्राम लक्सियार थाना कालसी।
9- दिनेश कुमार, ग्राम घिंघगो थाना चकराता।
10- चतर सिंह, ग्राम बराड़ साहिया थाना कालसी।
पुलिस ने इन्हें किया नामजद
1- राजवीर, दिनकर विहार थाना विकासनगर
2- ब्रहमदत्त शर्मा, विकासनगर
3- अरुण डोभाल, ग्राम कुन्हा
4- ऋषभ डेरियो, ग्राम गवेला
5- अतुल चौहान, रसूलपुर थाना विकासनगर
6- कमलेश भट्ट, नेहरा
7- मातवर, गवेला
8- भरत चौहान, बाडो
9- शूरवीर सिंह तोमर, कालसी
10- अरविंद, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष
11- शूरवीर, ग्राम माली
12- बलवीर सिंह राणा, रिटायर्ड बैंककर्मी
13- कुलदीप चौहान
14- संजय तोमर, कोटा तारली
15- गोपाल तोमर, समाल्टा
16- बचन सिंह राणा, ग्राम जागठा
17- धर्मेंद्र प्रधान, डकयारणा
18- अजय चौहान
19- संजू, निवासी रडू
20- सौरभ जिन्टा, दिनकर विहार थाना विकासनगर
21- बसंत शर्मा, अणु त्यूनी
22- सीताराम नेगी, ग्राम डांडा
23- सरदार सिंह, जोगियो
24- ऋषभ चौहान, ग्राम कंकडोई
25- जय चंद, ग्राम छाजड़ त्यूनी
26- सतपाल, थेंत्यू,
27- यशपाल रिखाड
आरोपियों के बयान से उलझी जांच
अगवा युवक मोती सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझने के बजाए उलझती जा रही है। छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मोती सिंह का शव तलाश नहीं पाई है। मामले की गुत्थी रविवार शाम उस समय और उलझ गई जब गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी बात बदल दी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मोती की हत्या के बाद शव डाकपत्थर झूला पुल नहीं, बल्कि ढालीपुर पावर हाउस के पास फेंका है। यही वजह रही कि पुलिस सोमवार को पूरे दिन ढालीपुर पावर हाउस के पास सर्च ऑपरेशन चलाती रही। नौ घंटे चले सर्च अभियान के बावजूद पुलिस को कामयाबी नहीं मिली।
आरोपी अब तक पुलिस को यह बताते आ रहे थे कि मोती की हत्या के बाद शव को डाकपत्थर झूला पुल से नीचे शक्तिनहर में फेंक दिया था। पुलिस अब तक डाकपत्थर झूला पुल से लेकर ढकरानी बैराज तक सर्च ऑपरेशन चलाए हुए थी। इसके लिए न सिर्फ एसडीआरएफ और जल पुलिस बल्कि जौनसार बावर एवं पछवादून के लोग भी मोती के शव की तलाश में जुटे थे। लेकिन, छह दिन बाद भी मोती की बरामदगी में सफलता नहीं मिली। जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है।
हमारे पास गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही के आधार पर चलने के अलावा कोई और रास्ता नहीं हैं। मामले में अब तक की जांच में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला है जिसने मोती के शव को शक्तिनहर में फेंकते देखा हो। आरोपियों से और पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी देहरादून
मामले में नई बात सामने आने से पुलिस को दूसरी दिशा में भी काम करना चाहिए। इस प्रकरण में एक फीसदी संभावना यह भी है कि युवक की हत्या के बाद शव को कहीं और छिपाया गया हो।
- मुन्ना सिंह चौहान, क्षेत्रीय विधायक
शक्तिनहर में कूदकर आत्महत्या करने का मामला हो या फिर किसी ने हत्या कर शव को नहर में फेंका हो, अब तक के जितने भी मामले हुए हैं यह देखने में आया है कि ढालीपुर पावर हाउस से नीचे कोई शव नहीं गया। ढालीपुर पावर हाउस में रेक्स लगे हैं, इससे नीचे बॉडी नहीं जा सकती, इतना जरुर है कि लापता होने के आठ से दस दिन बाद भी नहर से शव मिले हैं।
- इरशाद अली, महाप्रबंधक यमुना घाटी यूजेवीएनएल