उत्तराखंड के चमोली जनपद के रहने वाले मेजर मोहन चंद्र को अदम्य साहस के लिए शौर्य पदक से सम्मानित किया है।
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कश्मीर में तैनात मेजर मोहन का परिवार गढ़ी कैंट में रहता है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से बीते शनिवार को सम्मानित होने के बाद मेजर मोहन गढ़ी सैन्य छावनी में पहुंचे हैं।
जनपद चमोली के ग्र्राम बजवाड़, कुलसारी निवासी मेजर मोहन चंद्र फिलहाल जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। उनकी पत्नी और बच्चे गढ़ी कैंट में सैन्य आवासीय परिसर में रहते हैं।
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4 कुमाऊं रेजीमेंट के मेजर मोहन ने 8 नवंबर 2012 को कुपवाड़ा सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश नाकाम की। इस मुठभेड़ में पांच आतंकवादी मारे गए। वर्ष 2010 में उन्हें सेना मेडल भी मिल चुका है।
मेजर मोहन चंद्र ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कुलसारी में ही पूरी की। इसके बाद इंटर राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर से किया। श्रीनगर से ही स्नातक की पढ़ाई करने के बाद 2008 में सेना में कमीशन हुए।
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मेजर मोहन के फील्ड पोस्टिंग पर होने से उनकी पत्नी राशी और दो बेटे हैं अंकुर और अर्णव गढ़ी कैंट में सैन्य आवासीय परिसर में रहते हैं।