महंत बलबीर पुरी निरंजनी अखाड़े द्वारा संचालित हरिद्वार में श्री बिल्केश्वर महादेव मंदिर के व्यवस्थापक हैं। अखाड़े की पुरी मढी मंदिर का संचालन करती है। महंत बलवीर पुरी पिछले कई समय से प्रयागराज में श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के साथ थे। वह उनके करीबी माने जाते हैं।
कक्षा 5वीं तक पढ़े थे श्रीमहंत नरेंद्र गिरि
अमर उजाला से बातचीत में श्री निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कथित सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि कक्षा 5वीं तक पढ़े थे। बड़ी मुश्किल से हस्ताक्षर करते थे। कथित सुसाइड नोट और हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। साजिश रची गई है। सुसाइड नोट किसने लिखा जांच होनी जरूरी है।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि घटना स्थल पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ हुई है। पुलिस को सूचना दिए बगैर कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। फंदे से नरेंद्र गिरि का शव उतारा गया। घटना के वक्त वहां लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने बताया कि 24 सितंबर को बाघंबरी में अखाड़े के संत-महंतों की आपात बैठक होगी। इसमें ही गद्दी किसे सौंपी जाएगी, इसका फैसला होगा।
24 सितंबर से जलेगा मठ में चूल्हा
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की आकस्मिक मौत के बाद बाघंबरी मठ में चूल्हा बंद है। मठ में रहने वाले संत और सेवकों के लिए खाना आनंद अखाड़ा से बनाकर भेजा जा रहा है। 24 सितंबर को मठ में भोजन बनना शुरू होगा। इसके बाद ही गद्दी के पीठाधीश्वर की ताजपोशी होगी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने बताया कि अखाड़े के नए श्रीमहंत की ताजपोशी को लेकर भी जल्द ही फैसला लिया जाएगा।