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नरेंद्र गिरि मौत मामला: अखाड़े ने नकारा श्रीमहंत नरेंद्र गिरि का कथित सुसाइड नोट, कही ये बात

Thu, 23 Sep 2021 09:04 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

Mahant Narendra Giri Death Case: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री निरंजनी पंचायती अखाड़े के सचिव श्रीमहंत नरेंद्र गिरि प्रयागराज बाघंबरी पीठाधीश्वर थे। संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को उनका कथित सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल हुआ।
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महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के कथित सुसाइड नोट को श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव एवं मनसा देवी ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने सिरे से नकार दिया है।

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कथित सुसाइड नोट फर्जी
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कथित सुसाइड नोट फर्जी है। बड़ी साजिश के तहत पूरी कहानी बनाई गई है। अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी के बयान से बाघंबरी की गद्दी को लेकर नया मोड़ आ गया है।
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ब्रह्मलीन नरेंद्र गिरि के कथित सुुसाइड नोट में गद्दी का उत्तराधिकारी महंत बलबीर पुरी को घोषित किया है। वहीं रविंद्रपुरी ने 24 सितंबर को प्रयाग बाघंबरी में अखाड़े के संत-महंतों की आपात बैठक बुला ली है। संत-महंतों के सामूहिक निर्णय से ही गद्दी सौंपने का फैसला होगा। 

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री निरंजनी पंचायती अखाड़े के सचिव श्रीमहंत नरेंद्र गिरि प्रयागराज बाघंबरी पीठाधीश्वर थे। संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को उनका कथित सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल हुआ। जिसमें महंत बलवीर पुरी को उत्तराधिकारी घोषित किया है।

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बिल्केश्वर महादेव मंदिर के व्यवस्थापक हैं महंत बलबीर पुरी

महंत बलबीर पुरी निरंजनी अखाड़े द्वारा संचालित हरिद्वार में श्री बिल्केश्वर महादेव मंदिर के व्यवस्थापक हैं। अखाड़े की पुरी मढी मंदिर का संचालन करती है। महंत बलवीर पुरी पिछले कई समय से प्रयागराज में श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के साथ थे। वह उनके करीबी माने जाते हैं। 

कक्षा 5वीं तक पढ़े थे श्रीमहंत नरेंद्र गिरि
अमर उजाला से बातचीत में श्री निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कथित सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि कक्षा 5वीं तक पढ़े थे। बड़ी मुश्किल से हस्ताक्षर करते थे। कथित सुसाइड नोट और हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। साजिश रची गई है। सुसाइड नोट किसने लिखा जांच होनी जरूरी है। 

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि घटना स्थल पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ हुई है। पुलिस को सूचना दिए बगैर कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। फंदे से नरेंद्र गिरि का शव उतारा गया। घटना के वक्त वहां लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने बताया कि 24 सितंबर को बाघंबरी में अखाड़े के संत-महंतों की आपात बैठक होगी। इसमें ही गद्दी किसे सौंपी जाएगी, इसका फैसला होगा। 

24 सितंबर से जलेगा मठ में चूल्हा 
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की आकस्मिक मौत के बाद बाघंबरी मठ में चूल्हा बंद है। मठ में रहने वाले संत और सेवकों के लिए खाना आनंद अखाड़ा से बनाकर भेजा जा रहा है। 24 सितंबर को मठ में भोजन बनना शुरू होगा। इसके बाद ही गद्दी के पीठाधीश्वर की ताजपोशी होगी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने बताया कि अखाड़े के नए श्रीमहंत की ताजपोशी को लेकर भी जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
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