20 सितंबर को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की प्रयागराज बाघंबरी पीठ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव कमरे में पंखे पर लटका मिला।
सुसाइड नोट में बलबीर गिरि को ही उत्तराधिकारी बनाए जाने का जिक्र
उसके बाद उनका कथित सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। कई पन्नों के कथित सुसाइड नोट में शिष्य संत बलबीर गिरि को ही उत्तराधिकारी बनाए जाने का जिक्र था।
अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि से लेकर श्री निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि एवं सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी समेत सभी संतों ने कथित सुसाइड नोट को नकार दिया। इसे साजिश बताते हुए नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत को हत्या बताते हुए सवाल उठा दिए। मामले की अब सीबीआई जांच कर रही है।
आनंद गिरि को लेकर हरिद्वार पहुंची सीबीआई
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई की टीम बुधवार देर शाम आरोपी संत आनंद गिरि को रिमांड पर लेकर हरिद्वार पहुंची थी और गुरुवार को लौट गई। टीम ने आनंद गिरि से सात घंटे पूछताछ की और श्यामपुर कांगड़ी स्थित सील आश्रम खुलवाकर वहां से सुबूत जुटाए। टीम ने आश्रम के कंप्यूटर से डाटा लिया और लैपटॉप भी बरामद किया है।