12वीं के छात्र कोर्ट के आदेश पर देंगे एग्जाम
सीबीएसई के मुताबिक, 12वीं के जिन 86 छात्रों को परीक्षा से रोका गया था, वह कोर्ट के आदेश पर एग्जाम में बैठेंगे। इनका रिजल्ट कोर्ट के आदेश पर ही निर्भर करेगा।
बच्चे बोले-कभी नहीं देखा स्कूल
सीबीएसई ने जब कोचिंग संस्थान के छात्रों के फर्जी दाखिला मामले की जांच की तो पाया कि बच्चों को स्कूल के बारे में जानकारी ही नहीं है। बच्चों का कहना था कि वह उस स्कूल के छात्र जरूर हैं लेकिन उन्होंने कभी स्कूल नहीं देखा।
इससे पहले बीडीएम हर्बटपुर की गई थी मान्यता
सीबीएसई ने इससे पहले बीडीएम स्कूल हर्बटपुर को भी कदाचार का दोषी मानते हुए 12वीं की मान्यता खत्म कर दी थी। यह स्कूल भी केवल 10वीं तक ही छात्रों को पढ़ा सकता है।
2019 के फर्जीवाड़े में भी चल रही स्कूल की जांच
लूसेंट इंटरनेशनल स्कूल का यह पहला फर्जीवाड़ा नहीं है। दाखिलों में गड़बड़ी से संबंधित एक अन्य अनियमितता की जांच शिक्षा विभाग के स्तर पर वर्ष 2019 से चल रही है। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है।ये भी
माफिया के शिकंजे में फंस रहे छात्र
पिछले कुछ वर्षों में राजधानी दून में ऐसे कई कोचिंग सेंटर खुले हैं जो अन्य राज्यों के बच्चों को हसीन सपने दिखाकर दून लाते हैं। उनकी 11वीं, 12वीं पढ़ाई के साथ ही कोचिंग का ठेका महंगी फीस पर ले लेते हैं। जो भी स्कूल सीबीएसई के नियमों का उल्लंघन करेगा। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से अपील है कि वह इस तरह के कोचिंग संस्थानों के झांसे में न आएं, जहां लालच देकर एडमिशन दिया जाता हो। -रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी एवं संयुक्त सचिव, सीबीएसई देहरादून
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