छावनी परिषद गढ़ी कैंट, देहरादून में महिला आरक्षित वार्ड की शुक्रवार को दोबारा लाटरी खुली लेकिन नतीजे फिर वही रहे। करीब 10 माह पहले निकाली गई लाटरी में 6, 7 और 8 वार्ड आरक्षित हुए थे उस पर आपत्ति के बाद दोबारा लाटरी निकाली गई।
इस बार भी लाटरी में उन्हीं वार्डों का नंबर आया है। दोबारा लाटरी से महिला आरक्षित वार्ड खिसकने के डर के चलते जो महिलाएं लाटरी का विरोध कर रही थीं वहीं दोबारा लाटरी में भी पुराने नतीजे आने से खुश हो गईं।
दूसरी तरफ महिला आरक्षण की जद से वार्ड बचने की आस में पुरुष सभासदों की किस्मत नहीं पलट सकी।
तीन वार्डों के लिए निकली थी लाटरी
गौरतलब है कि सात अक्तूबर 2013 को वार्ड आरक्षण के लिए लाटरी में कैंट के आठ से तीन वार्ड 6, 7 और 8 आरक्षित हुए। लाटरी प्रक्रिया के बाद आरक्षण और परिसीमन के दस्तावेज रक्षा संपदा महानिदेशालय भेजे गए लेकिन अधिसूचित होने से पूर्व वहां से आपत्ति आ गई।
मुख्यालय ने जुलाई 2014 में दोबारा लाटरी कर आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। डीजी कार्यालय से आए आदेशों पर कैंट में कुछ महिलाएं कैंट युवा समिति नाम के संगठन के बैनर तले विरोध में उतर आईं।
आरक्षण प्रक्रिया का हो रहा था विरोध
संगठन आरक्षण प्रक्रिया के विरोध में हंगामा कर रहे थे। हाल ये रहा कि शुक्रवार को बोर्ड कार्यालय में महिलाएं आरक्षण की लाटरी से पहले तक विरोध प्रदर्शन करती रहीं। मुख्य अधिशासी अधिकारी अरविंद द्विवेदी और बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर एस सब्बरवाल ने विरोध के बीच में लाटरी निकाली तो पहले वार्ड 8, फिर 7 और फिर वार्ड 6 महिला आरक्षित हुआ।
नतीजा पता चलते ही कैंट बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी कर रही महिलाएं जिंदाबाद के नारे लगाने लगी। विरोधी गुट के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना भी पहुंचे थे। गढ़ी कैंट के मुख्य अधिशासी अधिकारी अरविंद ने लाटरी प्रक्रिया के बाद बोर्ड सीईओ का चार्ज नई सीईओ विभा शर्मा को दे दिया है।
पुरुष सदस्यों की नहीं लगी लाटरी
अक्तूबर में महिला आरक्षण से निवर्तमान उपाध्यक्ष गुरु प्रसाद तिवारी, सभासद अजय छेत्री और सभासद विष्णु प्रसाद के वार्ड आरक्षित हुए थे, जबकि निवर्तमान सभासद ओम प्रकाश गुप्ता बच गए।
दोबारा लाटरी निकालने से तीनों सभासद उम्मीद लगा रहे थे कि किसी एक का वार्ड अनारक्षित हो जाएगा, लेकिन फिर दूसरी बार ओम प्रकाश गुप्ता की किस्मत खुली।