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स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कक्षा छह में पढ़ाया जाएगा सहकारिता आंदोलन का पाठ : डॉ. धन सिंह

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अब भारत दर्शन के लिए महिला समूहों को मिलेगा तीन लाख तक का ऋण और वित्तीय सहायता
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उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती पर सहकारिता सम्मेलन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के स्कूलों में कक्षा छह में छात्र-छात्राओं को सहकारिता आंदोलन का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह कहना है शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का। उन्होंने यह बात संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में सहकारिता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि छात्रों को सहकारिता का पाठ पढ़ाने के लिए निबंधक को एक समिति गठित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यस्तर पर तैयार यह प्रस्ताव भारत सरकार को भी भेजा जाएगा ताकि केंद्रीय विद्यालयों में भी इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सके। सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद पूरे देश में सहकारिता की नई क्रांति आई है। उत्तराखंड ने इसमें विशेष भूमिका निभाई। मोटा अनाज मिशन योजना के तहत किसानों से 4800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मंडुआ खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से 21,000, 51,000 और 1,10,000 तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाएगा। जबकि भारत दर्शन यात्रा के लिए महिला समूहों को एक से तीन लाख तक का ऋण दिया जाएगा। सम्मेलन में निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, डॉ. मीनू शुक्ला पाठक, प्रबंध निदेशक मंगला त्रिपाठी, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा, पूर्व अध्यक्ष रेशम फेडरेशन चौधरी अजीत सिंह, प्रदीप चौधरी, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के उपाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, मनोज सामंत, गोपाल बोरा, सार्थक त्रिपाठी, सत्येंद्र सिंह बिष्ट, अमित शाह, नरेंद्र सिंह रावत, सुभाष रमोला, ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल,नीरज बेलवाल, प्रदीप मेहरोत्रा, रमिंद्री मंदरवाल, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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इनका हुआ सम्मान
देहरादून। सम्मेलन में उमेश त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह पनियाला, मातवर सिंह रावत, महावीर प्रसाद कुकरेती एवं मरणोपरांत हयात सिंह को सहकारिता सम्मान से सम्मानित किया गया।
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