उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में भिलंगना ब्लाक के सिलौस गांव में गुलदार दिन दहाडे़ आंगन में खेल रही तीन वर्षीय बच्ची को उठा ले गया, जिसका शव घर से दूर झाड़ियों में मिला।
क्षेत्र में बढ़ती घटनाओं से आक्रोशित लोगों ने वन विभाग से गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग की है।
ग्यारह गांव पट्टी के ग्राम सिलौस के विशन सिंह की तीन वर्षीय बेटी राखी अपराह्न करीब दो बजे घर के आंगन में अपनी बड़ी बहन रीना के साथ खेल रही थी कि घात लगाए बैठा गुलदार आंगन में आ धमका।
उसे देख बड़ी बहन कमरे में भाग गई, लेकिन गुलदार ने राखी को दबोच लिया और घसीट कर गांव से दूर चैतू नामे तोक की झाड़ियों में ले गया।
दादा घर के अंदर थे
जिस समय गुलदार बच्ची को ले गया उस वक्त उसके दादा घर के अंदर थे। बड़ी बहन के चिल्लाने पर एकत्रित ग्रामीणों ने गुलदार के पीछे भागने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची का आधा खाया हुआ शव घर से दूर झाड़ियों में मिला।
क्षेत्र में 10 दिन पहले भी डखवाण गांव में गुलदार ने एक युवती पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। प्रधान बसंती देवी, उत्तम सिंह और नरेंद्र डंगवाल ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती घटनाओं से वन विभाग अनजान बना हुआ है। उन्होंने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गुलदार के हमले में महिला घायल
घनसाली के सिलौस गांव में तीन साल की मासूम बालिका को गुलदार के निवाला बनाने की घटना को डीएम युगल किशोर पंत ने दुखद बताया है। उन्होंने डीएफओ टिहरी वन प्रभाग को गांव में जाकर सुरक्षा उपाय करने और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराने को कहा है।
ग्राम पंचायत गिंवाला में गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया। उसे सीएचसी अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक गिंवाला गांव में सोमवार सुबह पांच बजे फूलदेई देवी (55 वर्ष) अपने पति राजेंद्र सिंह बिष्ट के साथ गौशाला गई हुई थी, तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
महिला के पति के शोर मचाने के बाद वहां पहुंचे ग्रामीणों ने गुलदार को भगाया। ग्राम प्रधान सुषमा बर्त्वाल ने बताया कि गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और प्रभावित को उचित मुआवजा देने की मांग की है।