नई टिहरी के बडियारगढ़ क्षेत्र के छोटा पाब गांव में बीती रात गुलदार ने गोशाला तोड़कर 10 बकरियों को मार डाला। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में गोशाला तोड़ने की दो माह में यह दसवीं घटना है। सूचना पर वन विभाग और पशुपालन विभाग के कर्मचारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने गुलदार पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 14/15 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे गुलदार बचन सिंह की गोशाला तोड़कर अंदर घुस गया। उसने एक-एक कर 10 बकरियां मार डाली। बचन सिंह ने जब शोरगुल सुना, तो वह कमरे से बाहर आ गया। जब तक वह नीचे उतरा, गुलदार भाग गया।
70 हजार रुपये की बकरियां मारी
इस घटना में बचन सिंह की करीब 70 हजार रुपये की बकरियां मारी गई। उसने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग की। ग्रामीण बलदेव सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले गुलदार ने दो कमरों के दरवाजे तोड़कर 30 मुर्गे मार दिए थे। इधर, वन क्षेत्राधिकारी केएस रावत ने बताया कि वन दारोगा को गांव में भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा संबंधी कार्रवाई की जाएगी।
नरभक्षी गुलदार को मारने की मांग, किया हाईवे जाम
उधर, देवप्रयाग क्षेत्र में नरभक्षी गुलदार को मारने के आदेश नहीं देने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर तहसील मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि वन विभाग ग्रामीणों के जीवन को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने 24 घंटे में गुलदार को मारने के आदेश नहीं देने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
नौ जुलाई को भटकोट गांव में गुलदार ने एक महिला को अपना शिकार बना दिया था। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने गुलदार को मारने के आदेश अब तक नहीं दिए हैं। बमाणा के ग्राम प्रधान रतन सिंह राणा ने चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर गुलदार को मारने के आदेश नहीं दिए गए तो वह तहसील परिसर में आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य केके कोठियाल ने कहा कि गुलदार किसी और को निवाला बनाए उससे पहले उसे मार दिया जाए। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को फिर चक्काजाम की चेतावनी दी है। छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद जियाल ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया है। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष शुभांगी कोटियाल, हवलदार सिंह, राहुल कोटियाल, छुनकी देवी, अनीता देवी, सुनीता, सारिका, राकेश, विक्रम सिंह आदि शामिल थे।