ऋषिकेष में शहर के बीचोबीच स्थित एक नर्सिंग होम में गुलदार घुस आया। फिजियोथैरेपी कक्ष में बैठे गुलदार पर जैसे ही अस्पताल कर्मियों की नजर पड़ी वे सकते में आ गए।
दहशतजदा कर्मियों ने इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी। पुलिस, वन विभाग और राजाजी नेशनल पार्क की संयुक्त टीम ने करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद बमुश्किल गुलदार को ट्रेंक्यूलाइज्ड कर पिंजरे में कैद किया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
थमीं रहीं लोगों की सांसे
इस बीच नर्सिंग होम में मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं, जबकि बाहर गुलदार को देखने के लिए सड़कों, भवनों पर लोगों की भीड़ लगी रही।
तिलक मार्ग स्थित कोहली नर्सिंग होम के फिजियोथैरेपिस्ट अजय बहुगुणा रोज की तरह सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर अस्पताल पहुंचे। जैसे ही उन्होंने फिजियोथैरेपी कक्ष का ताला खोला उनके होश फाख्ता हो गए।
कक्ष में एक गुलदार बैठा हुआ था। बहुगुणा ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और दबे पांव कक्ष का दरवाजा बंद कर लौट गए। अस्पताल में गुलदार घुसने की खबर से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों में अफरातफरी मच गई।
पकड़ने में पसीने छूटे
सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची और जाल डालकर गुलदार को पकड़ने की कोशिश की, तभी गुलदार फिजियोथैरेपी कक्ष में एग्जॉस्ट फैन के लिए छोड़े गए सुराख के रास्ते नगर पालिका परिसर में जल संस्थान के पंप हाउस नंबर दो के पीछे गड्ढे में जा छिपा।
रेस्क्यू टीम ने गहरे गड्ढे से निकालने की कोशिश की तो गुलदार फिर सुराख के रास्ते फिजियोथैरेपी कक्ष में जा घुसा। इस बीच टीम ने सुराख को बंद कर दिया। इसके बाद दोपहर में उसे पकड़ने के लिए बड़कोट रेंज से पिंजरा मंगाया गया। आठ घंटे की मशक्कत के बाद गुलदार को ट्रेंक्यूलाइज कर पिंजरे में कैद किया गया।
हमले में गनर जख्मी
अस्पताल में उस वक्त भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जब फिजियोथैरेपी कक्ष से भागने के दौरान गुलदार ने वहां मौजूद कोतवाल आरएस असवाल के गनर मोहनलाल मंतवाल पर पीछे से हमला कर दिया।
गनीमत रही कि गनर की रायफल की नोक जैसे ही गुलदार को चुभी, वह कंधे पर पंजा मारने के बाद भाग गया। जिससे बड़ा हादसा टल गया।
खूब छकाया पुलिस को
अस्पताल में घुसे गुलदार ने वन विभाग और पुलिस को खूब छकाया। फिजियोथैरेपी कक्ष से निकलकर गुलदार ने नगर पालिका परिसर में स्थित स्व. बडोनी हॉल के पास से छलांग लगाई और नगर पालिका के स्टोर के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे ग्राउंड में जा छिपा।
वन विभाग ने यहां से खदेड़ा तो गुलदार जल संस्थान के पंप हाउस के पीछे गहरे गड्ढे में जा छिपा। इस दौरान गुलदार को छलांग लगाते देख लोग रोमांचित हुए।
पांच वर्षीय नर है गुलदार
वनक्षेत्राधिकारी गंगासागर नौटियाल ने बताया कि गुलदार नर है और उसकी आयु करीब पांच वर्ष है। रेंज अधिकारी ने बताया कि संभवत: वह गंगा पार राजाजी नेशनल पार्क या फिर ऋषिकेश रेंज से भटककर शहर के बीचोबीच पहुंच गया।