यहीं नहीं जब जब अर्श ने दीदी से ऐ मेरे वतन के लोगों गुनगुनाने के लिए कहा तो दीदी ने मात्र कहने भर से गीत गुनगुनाने लगी। अर्श खान बताते है कि दीदी ने इस दौरान उनके कला और काम के बारे में उससे ढ़ेर सारी बातें की। अर्श खान बताते हैं कि यहीं नहीं जब दीदी से उन्होंने ऑटोग्राफ के लिए रिक्वेस्ट किया तो लता दीदी ने उन्हें खुश होकर आशीर्वाद स्वरूप चैक ही पकड़वा दिया।
बताया कि इस चैक की फोटोकॉफी आज भी उन्होंने संभाल कर रखी है। अर्श ने कहा कि आज दीदी हमारे साथ नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हमेशा उनके साथ रहेगी। उनका जाने से एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन युगों का अंत हो गया। भारत रत्न लता मंगेशकर हमेशा के लिए खामोश हो गईं, लेकिन उनकी आवाज लोगों के कानों में सदा गूंजती रहेगी।
स्वर साम्राज्ञी के निधन से हर कोई दुखी है और सबसे ज्यादा दुखी वह लोग हैं, जिनसे उनकी यादें जुड़ी हैं। ऐसे ही एक शख्स का नाम है शेख अमीर अहमद जिन्होंने स्वर कोकिला लता मंगेशकर के ऑटोग्राफ को अब तक संजोकर रखा है। पेशे से होटल संचालक शेख अमीर अहमद ने बताया कि उनकी अक्सर लता दीदी के निजी सचिव महेश राठौर से बात हुआ करती है।
इस दौरान उन्होंने एक बार लता दीदी का ऑटोग्राफ लेने की इच्छा जाहिर की तो लता दीदी ने अपनी बायॉग्राफी पर शेख अमीर अहमद को भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए ऑटोग्राफ दिया हुआ पत्र मुंबई से डाक के जरिए दून भेजा।
इसे शेख अमीर अहमद ने अभी तक संभालकर रखा हुआ है। शेख अमीर ने देश-विदेश के कई दिग्गज अभिनेता और खिलाड़ियों के ऑटोग्राफ को संजोकर रखा है। वह जल्द ही दून में एक संग्राहलय बनाना चाहते हैं, जहां वह सभी ऑटोग्राफ को संजो कर रख सके।
लता दीदी को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर के निधन पर दूनवासियों ने शोक जताया। रविवार को कैनाल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर में किशनपुर निवासियों की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लता मंगेशकर की आवाज हमेशा देश की आवाज रहेगी। वो हमारी भारत रत्न हैं, हमारे देश की स्वर कोकिला हैं, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। इस मौके पर केके चक्रवर्ती, दीपांजलि चक्रवर्ती, अनूप सक्सेना आदि मौजूद रहे।