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Exclusive: केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन ढूंढे नहीं मिल रही, प्रदेश में हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जे

Wed, 23 Nov 2022 08:22 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार ने हर ब्लॉक में स्कूलों के लिए मुफ्त भूमि देेने का आश्वासन दिया था लेकिन जिलाधिकारी जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं। माफिया लगातार सरकारी जमीन बेच रहे हैं लेकिन स्कूलों के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : i stock
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विस्तार
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प्रदेश में हजारों बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हैं लेकिन स्कूलों के लिए जमीन ढूंढे नहीं मिल रही है। यही कारण है कि प्रदेश के सभी 95 ब्लॉक में एक-एक केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना खटाई में पड़ गई है। जिलों से महज 26 प्रस्ताव ही भेजे गए। इनमें से अधिकतर प्रस्तावों में मानक के अनुसार जमीन की व्यवस्था ही नहीं है।

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हर ब्लॉक में केंद्रीय विद्यालय शुरू करने के पीछे सरकार की मंशा यह है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी और इससे पहाड़ से पलायन भी रुकेगा। प्रदेश सरकार की इस मंशा को केंद्र सरकार ने भी मंजूरी दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार ने हर ब्लॉक में स्कूलों के लिए मुफ्त भूमि देेने का आश्वासन दिया था लेकिन जिलाधिकारी जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

जबकि, सच्चाई यह है कि सरकारी जमीनों पर धड़ल्ले से अवैध कब्जे हो रहे हैं। देहरादून जिले में ही सात हजार बीघा सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला सामने आ चुका है। इसी तरह अन्य जिलों में भी माफिया लगातार सरकारी जमीन बेच रहे हैं लेकिन स्कूलों के लिए जमीन की व्यवस्था नहीं है।
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हाल यह है कि शासन के आदेश के बावजूद सिर्फ 9 जिलों के जिलाधिकारियों ने 26 केंद्रीय विद्यालयों के प्रस्ताव केंद्रीय विद्यालय संगठन को भेजे हैं। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय विद्यालय के लिए पांच से दस एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें शर्त यह भी है कि जमीन दान में मिली या वन विभाग की नहीं होनी चाहिए।

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दो स्कूल भवनों को मिली मंजूरी 
देहरादून। ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा में केंद्रीय विद्यालय अस्थाई भवन में शुरू हो चुका है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की उपायुक्त मीनाक्षी जैन के मुताबिक स्कूल भवन को भी मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, चंपावत में स्कूल भवन का निर्माण का चल रहा है। 

इन क्षेत्रों में स्कूलों के लिए भेजा गया है प्रस्ताव  
देहरादून। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार, थलीसैंण, भरसार, पाबौ ब्लॉक के मिलाई, देहरादून के क्लेमेंटटाउन, चकराता, साहिया, चमोली जिले में देवाल के सवाड, चारपाणी तोक के आमडाला, नंदप्रयाग, ऊधमसिंह नगर जिले में जसपुर, अल्मोड़ा में पाण्डुवाखाल, देघाट, द्वाराहाट, जैंती, टिहरी गढ़वाल में नरेंद्रनगर, कीर्तिनगर के ग्राम गुगली, जौनपुर, मोरी के नानई, बुगीधार, प्रतापनगर के मदननेगी, देवप्रयाग के हिंडोलाखाल, हरिद्वार के लक्सर, ग्राम तुगलपुर, उत्तरकाशी के भटवाड़ी, उपला टकनौर में केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

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जिलाधिकारी यदि स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध करा देते तो कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय पर बात बन जाती। स्कूलों के लिए विभिन्न जिलों से अधूरे प्रस्ताव आ रहे हैं। -मीनाक्षी जैन, उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन।
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