डॉ. पण्ड्या ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस जैसी महामारी से लड़ने में गायत्री परिवार से सहयोग मांगा है। इसके साथ ही देशभर में फैले गायत्री परिवार के पांच हजार से अधिक प्रज्ञा संस्थानों द्वारा कोरोना वायरस के मद्देनजर फंसे लोगों में भोजन पैकेट पहुंचाने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष एवं प्रधानमंत्री राहत कोष में आर्थिक रूप से किये जा रहे सहयोग से अवगत कराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने गायत्री परिवार के निःस्वार्थ भाव की प्रशंसा करते हुए सम्पूर्ण समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. पण्ड्या के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी, आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्रीरविशंकर जी, पतंजलि योगपीठ के स्वामी रामदेव, जग्गी वासुदेवा, रामकृष्ण मिशन सहित सोलह संगठनों के प्रमुखों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने अपना एक माह का वेतन एक लाख रुपये और सांसद निधि से एक करोड़ रुपये प्रधानमंत्री केयर फंड को दिए हैं। साथ ही राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने भी जिला अस्पताल बौराड़ी को 10 लाख रुपये की धनराशि दी है। सांसद प्रतिनिधि शांति प्रसाद भट्ट ने बताया कि सांसद प्रदीप टम्टा ने जिला अस्पताल उत्तरकाशी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली आदि जिलों को 10-10 लाख, राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर को 15 लाख समेत उत्तराखंड के लिए एक करोड़ 20 लाख की धनराशि दी है।
वहीं सेंट ऐंथनी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य गौतम बिष्ट ने एक लाख, राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व जिला मंत्री सुशील तिवारी की देखरेख में शिक्षकों ने स्वयं के संसाधनों से 50 हजार रुपये एकत्रित किए। इस धनराशि से गांवों के लोगों की मदद की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने सीएमओ टिहरी को पत्र लिखकर अनुमानित धनराशि का आगणन देने की अपील की। कहा कि आगणन के अनुसार धनराशि देने को तैयार हैं। गर्वनमेंट कांट्रेक्टर एमपी भट्ट ने डेढ़ लाख की धनराशि का चेक डीएम कार्यालय को भेंट किया।
संकट की इस घड़ी में नेता, अभिनेता से लेकर कारोबारी तक मदद को आगे आ रहे हैं। इस कड़ी में एक रिटायर फौजी ने भी कोरोना से लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक सीओ रुड़की को सौंपा। भारत नगर गली नंबर-एक निवासी रिटायर फौजी राम सिंह नेगी ने सोमवार को सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट को कॉल कर बताया कि वह प्रधानमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये की मदद देना चाहते हैं।
वह घर से बाहर नहीं निकल सकते, इसलिए वह घर आकर चेक ले जाएं। सीओ चंदन सिंह बिष्ट उनके घर पहुंचे और बातचीत की। इस दौरान नेगी ने कहा कि पहले उन्होंने बॉर्डर पर रहकर देश सेवा की है। अब विपदा इस घड़ी में भी वह पीछे नहीं रह सकते। इसलिए कोरोना की लड़ाई में वह एक लाख रुपये की मदद दे रहे हैं। कहा कि उनके दो बेटे भी आर्मी में हैं और देश सेवा कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि देश के साथ खड़े होकर मदद करें। यह अच्छा मौका है, जब लोग घर बैठे देश सेवा कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम से एक लाख का चेक सीओ को सौंपा। सीओ ने उनके जज्बे और देश के प्रति प्यार की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया। इसके बाद सीओ ने बैंक में चेक लगाया।