उधर, कुंभ में कोरोना जांच फर्जीवाड़े में आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल इन्वस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने नैनीताल से लेकर नोएडा तक छापे मारे। आरोपियों की लोकेशन इन जगहों पर मिलने के बाद एसआईटी पहुंची थी, लेकिन अब आरोपियों के मोबाइल बंद हैं। टीम ने नोएडा में डेरा डाला है।
महाकुंभ 2021 के दौरान श्रद्धालुओं के कोरोना जांच में हुए फर्जीवाडे़ में मुकदमा दर्ज होने के साथ ही एसआईटी भी इस मामले की जांच कर रही है। एसआईटी जांच पूरी होने के बाद आरोपियों की धरपकड़ में छापे मार रही है। एक आरोपी आशीष वशिष्ठ की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
एसआईटी को दो आरोपियों की मोबाइल लोकेशन नैनीताल में मिली थी। टीम ने बृहस्पतिवार को नैनीताल में छापा मारा। टीम के पहुुंचने तक आरोपी नैनीताल से नोएडा पहुंच गए। उनके मोबाइल लोकेशन नोएडा मिलने पर एसआईटी शुक्रवार को नोएडा में संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका।
बताया जा रहा कि आरोपियों को एसआईटी के छापे की भनक लग गई और अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि एसआईटी आरोपियों की धरपकड़ के लिए जुटी है। फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कह सकते हैं। एसएसपी के मुताबिक हिसार स्थित लैब संचालक के ठिकानों पर एसआईटी नहीं पहुंची है।
अफसरों से लेकर आरोपियों से हो चुकी है पूछताछ
फर्जीवाड़े में सीएमओ डॉ. शंभू कुमार झा की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस और एसआईटी ने सीएमओ डॉ. झा के अलावा मेलाधिकारी स्वास्थ्य डॉ. अर्जुन सेंगर और नोडल अधिकारी डॉ. एनके त्यागी के बयान दर्ज किए थे। साथ ही मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के पार्टनर शरत व मल्लिका पंत, नलवा लैब हिसार, डॉक्टर लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली, डीलिंग कराने वाले मुंबई के डीलर अनुदेश गोयल समेत अन्य लोगों से पूछताछ की। एसआईटी की टीम ने अलग-अलग पूछताछ करने के अलावा सभी का आमना-सामना भी कराया था।