हीमोडायलिसिस करवाने वाले मरीजों को मिलेगा फायदा
नेफ्रोलॉजी विभाग की डॉ. शेरोन कंडारी ने बताया कि यह मरीज इमरजेंसी के माध्यम से ओपीडी में आया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई थी। एम्स ऋषिकेश में यह पहला किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है। हीमोडायलिसिस करवाने वाले मरीजों को इसका सबसे बड़ा फायदा पहुंचेगा।
डॉक्टरों की इस टीम ने किया किडनी प्रत्यारोपण
टीम में एम्स यूरोलाॅजी विभागाध्यक्ष डाॅ.अंकुर मित्तल, डाॅ. विकास पंवार, डाॅ. पीयूष गुप्ता, नेफ्रोलाॅजी विभागाध्यक्ष डाॅ.गौरव शेखर, डाॅ. शेरोन कंडारी, डाॅ. संदीप सैनी, ऐनेस्थेसिया विभाग के डाॅ.संजय अग्रवाल, डाॅ. वाईएस पयाल, डाॅ. प्रवीन तलवार शामिल थे।
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निजी अस्पताल में आता है 25 लाख खर्च
प्रदेश में अभी किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा जौलीग्रांट स्थित हिमलयन अस्पताल में ही थी। जहां इस प्रक्रिया पर करीब 25 लाख तक का खर्च आता है, लेकिन एम्स में यह प्रक्रिया शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। यहां आयुष्मान योजना के तहत सरकारी खर्च पर मरीज किडनी ट्रांसप्लांट करा सकेंगे।