सांसद सतपाल महाराज के पौड़ी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने से इंकार के बाद आम आदमी पार्टी में शामिल पूर्व सांसद टीपीएस के दावेदारी वापस लेने से भाजपा की राह आसान होती दिख रही है।
(तस्वीरों में देखिए उत्तराखंड की होली)
आप में रक्षा मोर्चा का विलय करने के बाद रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत को पौड़ी से मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब टीपीएस ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ प्रचार करेंगे चुनाव नहीं लड़ेंगे।
आप में फंसा पेंच
आम आदमी पार्टी ने हरिद्वार, टिहरी, नैनीताल और अल्मोड़ा पर प्रत्याशी घोषित करने के बाद अब पौड़ी की सीट पर पेंच फंस गया है। जनरल टीपीएस रावत के चुनाव से इंकार करने पर आप को पौड़ी में प्रत्याशी नहीं मिल रहा है।
पढ़ें, डॉक्टर के बेटे ने की क्लीनिक में नाबालिग से छेड़छाड़
टीपीएस 2008 में पौड़ी संसदीय सीट से उपचुनाव जीत चुके हैं। टीपीएस उस समय बीसी खंडूड़ी के मुख्यमंत्री बनने से खाली हुई पौड़ी लोकसभा सीट पर भाजपा से चुनाव लड़े थे।
महाराज से हार गए थे चुनाव
2009 लोकसभा चुनाव में टीपीएस कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल महाराज से हार गए थे। इसके बाद टीपीएस ने रक्षा मोर्चा का गठन किया, लेकिन विधानसभा चुनावों में उनको हार का सामना करना पड़ा। टीपीएस ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आप में रक्षा मोर्चा का विलय किया तो माना जा रहा था कि वह पौड़ी से प्रत्याशी होंगे।
पढ़ें, मैंने टिकट नहीं मांगा, पार्टी ने खुद दिया: निशंक
टीपीएस के चुनाव लड़ने से इंकार का सीधा फायदा भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूड़ी को मिलेगा। सीट पर मौजूदा सांसद सतपाल महाराज पहले चुनाव लड़ने से इंकार कर चुके हैं। भाजपा के लिए टीपीएस और महाराज का हटने से फायदा मिलेगा।