दिल्ली की कुर्सी छोड़कर बनारस में मोदी को टक्कर देने पहुंचे अरविंद केजरीवाल अभी भी बहुत से लोगों के लिए हीरो हैं। एक कॉलेज प्रबंधक के साथ घटी एक घटना से तो यही जाहिर हो रहा है।
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दिल्ली-देहरादून हाइवे पर एक इंजीनियरिंग संस्थान है। रुड़की तहसील के एक गांव का छात्र इसमें इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा है।
कॉलेज प्रबंधन ने छात्र को पिछले सेमेस्टर का फीस का बकाया तथा एग्जाम व प्रैक्टिकल में मदद कराए जाने के नाम पैसे न देने पर प्रवेश पत्र देने से मना कर दिया।
घूस मांगा तो कहा बाहर आओ
कॉलेज के इस फरमान पर छात्र के पिता शनिवार को कालेज पहुंचे और प्रबंधक से वार्ता की। काफी देर तक पिता प्रबंधक महोदय से जद्दोजहद करता रहा।
पहले उन्होंने कहा कि फीस सेमेस्टर एग्जाम के बाद दे दूंगा लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पिता पिछले सेमेस्टर की फीस देने पर तो राजी हो गए लेकिन एग्जाम में मदद के नाम पर एक भी पैसा न देने की जिद पर अड़ गए।
प्रबंधक फिर भी नहीं माने तो पिता ने उन्हें बाहर आने के लिए कहा। प्रबंधक पहले तो कुछ नहीं समझे लेकिन अधिक आग्रह को देखते हुए बाहर आ गए।
'आप' टोपी लगाकर बन गया केजरीवाल
बाहर आते ही पिता ने जेब से कुछ निकालने की कोशिश की। जिससे प्रबंधक डर गए, इतने में ही छात्र के पिता ने आप पार्टी के छाप वाली टोपी निकाली और सिर पर रखते ही बोला ‘आई एम केजरीवाल’।
प्रबंधक कुछ समझ भी नहीं पाए इससे पहले वह कहने लगे कि मैं कॉलेज के बाहर धरना दूंगा।
जरुरत पड़ी तो हाइवे के बीच बैठ जाऊंगा लेकिन भ्रष्टाचार और शोषण बर्दाश्त नहीं करुंगा। इसके बाद वह गुस्से से पैर झटकर निकल गया। पिता के तेवर से प्रबंधक महोदय भी एकबारगी सकते में आ गए।