एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि हाईवे पर पैदल आवाजाही होने से फंसे घोड़ा-खच्चरों को सुरक्षित निकाला जा सकेगा। बताया कि सड़क पर क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत के लिए पोकलैंड मशीन से कटिंग की जा चुकी है। दूसरी तरफ गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर मरम्मत कार्य जोरों पर चल रहा है। 16 किमी लंबा पैदल रास्ता अतिवृष्टि से 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसमें 16 स्थानों पर रास्ता बह गया है। लोनिवि गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण ने बताया कि पैदल मार्ग को दुरुस्त करने के लिए 230 मजदूर कार्य कर रहे हैं।
पैदल मार्ग व पड़ावों पर पेयजल सप्लाई बहाल
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि से जगह-जगह पेयजल लाइनों को व्यापक क्षति पहुंची है। यहां कई स्थानों पर पेयजल लाइन के पाइप भी सैलाब में बह चुके हैं। जलसंस्थान ने प्लास्टिक पाइप की मदद से पड़ावों से लेकर केदारनाथ तक अस्थायी तौर पर पानी की सप्लाई बहाल कर दी है। अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई ने बताया कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की स्थायी मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।