पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करवा चौथ व्रत रखने वालों में मुसलिम विवाहिताएं भी पीछे नहीं है। पर्व को सामाजिक सौहार्द से जोड़ते हुए करवा चौथ पर वह न सिर्फ अपने शौहर की सलामती के लिए व्रत रखती हैं, बल्कि चांद देखने के साथ उनकी आरती भी उतारती हैं।
अकेले या पड़ोस में सामूहिक प्रार्थना के बाद पति के साथ खाना खाकर व्रत पूरा करना उनके लिए सबसे खुशी की बात होती है।
देहरादून के टर्नर रोड निवासी असमा राव की शादी को 11 साल हो गए हैं। वह शादी के पहले साल से ही करवा चौथ व्रत रख रही है।
असमा बताती हैं, घर पर तो कभी किसी ने यह व्रत नहीं रखा था। शादी के बाद जब मैं यहां आई तो पड़ोस के लोगों को व्रत रखते देखा। मुझे अच्छा लगा तो मैंने भी रुचि दिखाई। पड़ोसियों ने व्रत की पूरी विधि-विधान मुझे सिखा दी है। अब हम सब साथ में व्रत रखकर पूजा करते हैं।