वर्ष 2022 में तीसरी बार विधायक बने अनिल नौटियाल ने खुले हाथ से विधायक निधि की स्वीकृतियां प्रदान की। और अंतिम वर्ष को छोड़कर लगभग शत प्रतिशत कार्य स्वीकृत किए। 2022 से अब तक विधानसभा में 23 करोड़ 28 लाख में विधाायक 22 करोड़ 8 लाख रुपये की स्वीकृतियां दे चुके हैं। लोगों ने विद्यालयों, खेल मैदान और अन्य विकास कार्य तो स्वीकारे लेकिन गांवों के रास्तों का समुचित कार्य नहीं होने और स्वास्थ्य सेवाओं पर रोष व्यक्त किया।
हालांकि पहले दो वर्षों के कार्य करीब 90 प्रतिशत और उसके बाद के दो वर्षों में करीब अस्सी फीसदी की काम पूरे हो पाए हैं। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की कर्णप्रयाग विधानसभा में दो विकासखंड कर्णप्रयाग और गैरसैंण है। करीब 190 ग्राम पंचायतों वाली इस विधानसभा में दो पालिकाएं और दो नगर पंचायतें भी हैं। लेकिन विधायक का फोकस स्कूलों पर अधिक रहा है। फिर जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृति करने की बात हो या स्कूलों में खेल, फिटनेस के उपकरण। अपनी विधायक निधि का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा स्कूलों के लिए दिया है। इनमें सरकारी और गैर सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय भी शामिल हैं।
वर्ष 2022-23 और 23-24 में जहां विधायक ने आवंटित धनराशि पर जहां शत प्रतिशत स्वीकृतियां दीं। वहीं 24-25 में 99.80 और 25-26 में 95.71 प्रतिशत काम स्वीकृत किए। जबकि वर्ष 26-27 में अब तक 80 प्रतिशत कामों को स्वीकृतियां मिल चुकी हैं। हालांकि विभागीय स्तर पर बीते चार साल में 80 से 90 प्रतिशत काम ही पूरे हो पाए हैं। जबकि इस वर्ष करीब 25 प्रतिशत योजनाओं में ही धनराशि जारी हो पाई है।
| वर्ष | आवंटित धनराशि | स्वीकृत धनराशि |
| 2022 | 23 3.68 करोड़ | 3.68 करोड़ |
| 2023 | -24 4.90. करोड़ | 4.90 करोड़ |
| 2024 | 25 4.90 करोड़ | 4.89 करोड़ |
| 2025 | 26 4.90 करोड़ | 4.69 करोड़ |
| 2026 | 27 4.90 करोड़ | 3.92 करोड़ |
विधायक निधि के कार्यों में विधानसभा के अधिकांश विद्यालयों में मरम्मत कार्यों को मूलभूत आवश्यकताओं, फर्नीचर, कंप्यूटर खेल मैदान एवं सुरक्षात्मक कार्यों के लिए योजनाएं स्वीकृत की गई। लगभग सभी ग्राम पंचायतों में महिला मंगल दलों, मार्गों के निर्माण, मंदिर सौंदर्यीकरण, खेल मैदान निर्माण के अलावा स्वीकृति योग्य सभी योजनाओं को धनराशि दी गई। अभी इसी माह विधानसभा के सभी महिला मंगल दलों को सामग्री वितरण भी स्वीकृति प्रदान की गई है। -अनिल नौटियाल, विधायक कर्णप्रयाग।
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पहाड़ के दुर्गम गांवों में मूलभूत दिक्कतों को दूर करने में विधायक निधि का प्रयोग होना चाहिए। लेकिन गांवों में रास्तों, कृषि, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर खर्च ना के बराबर हुआ है। इस निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी सड़कें विकसित होनी चाहिए, इससे ग्रामीणों को लाभ मिलता। लेकिन केवल घोषणाओं और कार्यकर्ताओं के लिए ही विधायक निधि का उपयोग हुआ है। -हर्षवर्धन डिमरी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य।
गांवों में पैदल रास्तों को पक्का करने सहित मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए धनराशि मिली है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामग्री खरीद के लिए भी सहयोग राशि दी गई है। विधायक निधि का शत प्रतिशत खर्च करना यह साबित करता है कि आम आदमी के विकास को ध्यान में रखा गया है। -बिजेंद्र सिंह पैलू, सौंणा, कर्णप्रयाग