कांवड़ मेले के मद्देनजर पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके लिए रुड़की से नीलकंठ तक करीब 60 किलोमीटर हाइवे को मेला क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में 38 पुलिस सर्किल बनाए गए हैं। पुलिस ने आम आदमी से इस क्षेत्र में नहीं आने की अपील की है। पहाड़ी जनपदों को जाने के लिए इसके अलावा मेरठ-बिजनौर-कोटद्वार और अन्य मार्गों का प्रयोग किया जा सकता है।
-10 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
- 11 एसपी-एएसपी संभालेंगे जिम्मेदारी
- 38 पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) की तैनाती
- 05 आतंकरोधी दस्ते की टीमें
- 400 सीसीटीवी कैमरे (300 हरिद्वार और 100 नीलकंठ क्षेत्र)
- 38 सर्किल में एक-एक ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी।
डीजीपी ने बताया कि हरिद्वार में पार्किंग की समुचित व्यवस्था है। चारधाम यात्रियों के लिए निर्धारित की गई पार्किंग को कांवड़ यात्रियों के लिए भी खोला जाएगा। ताकि, यहां पर वाहन खड़े कर जल आदि लिया जा सके। हालांकि उन्होंने माना कि सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना नीलकंठ क्षेत्र में करना पड़ सकता है। यहां पर पार्किंग की व्यवस्था बहुत कम है। लक्ष्मण झूला क्षेत्र भी इसी तरह से है।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर अन्य सुविधाओं के लिए पुलिस लगातार अन्य विभागों से बात कर रही है। यहां पर शौचालय, पार्किंग, साफ सफाई आदि की व्यवस्था भी विभागों ने कर दी है। इसके अलावा कांवड़ियों के लिए लगने वाले भंडारे आदि के लिए भी स्थान पहले से निर्धारित किए जा चुके हैं। यह मार्ग से हटकर लगाए जाएंगे।