जमीन का भुगतान नहीं होने से वे गेस्ट हाउस में ही रह रहे प्रभावित
मकान का मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन मकान कहां बनाएं यह तभी तय कर पाएंगे जब सर्वे रिपोर्ट आएगी। जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। लोग आज भी शिविरों में रह रहे हैं। दीपक रावत का कहना है कि नगर में किराए के भवन नहीं मिल रहे हैं। जमीन का भुगतान नहीं होने से वे गेस्ट हाउस में ही रह रहे हैं।
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इन संस्थाओं ने किया था निरीक्षण
सीबीआरआई, वाडिया इंस्टीट्यूट, आईआईटी रुड़की, एनजीआरआई हैदाराबाद, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस), भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान (जीएसआई), भारतीय मृदा परीक्षण संस्थान, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच)।
जेपी कॉलोनी में आए पानी की भी हुई थी जांच
वैज्ञानिकों की टीमों ने जेपी कॉलोनी में अचानक जमीन से निकले पानी की भी जांच की थी। यह पानी कहां से और कैसे आया इसके बारे में भी वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में क्या कहा गया है किसी को कोई जानकारी नहीं है।