उन्होंने कहा कि प्रक्रिया विवाद रहित व पूर्ण पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। पूरी प्रक्रिया इस प्रकार की हो कि अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई आशंका न रहे। निर्धारित समय पर भर्तियों का एक सुनिश्चित कैलेंडर हो।
कार्मिक विभाग नियमित तौर पर इसकी समीक्षा करे और विभागों व आयोगों से समन्वय करे। उन्होंने कहा कि आयोगों ने 10 प्रतिशत आर्थिक आरक्षण को शामिल करने के लिए विभागों को जो अधियाचन वापस भेजे गए हैं, उनको सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्यवाही कर संशोधित अधियाचन जल्द भेजना सुनिश्चित किया जाए।
अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने बताया कि विभागों से रिक्त पदों का विवरण मांगा गया था। कुल 32 विभागों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 18 हजार पद रिक्त हैं। बैठक में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल आनंद सिंह रावत (रि.) और उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस राजू, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव शैलश बगोली, नीतेश झा मौजूद रहे।
विभाग रिक्त पद
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग - 132
राज्य संपत्ति - 45
उद्यान विभाग - 785
सचिवालय प्रशासन - 641
वित्त - 48
भाषा - 46
मुख्य निर्वाचन अधिकारी 26
एमएसएमई - 365
पंचायती राज - 408
संस्कृति - 81
सहकारिता - 115
कार्मिक - 75
लघु सिंचाई - 100
औद्योगिक विकास - 47
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास - 1677
मतस्य - 60
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग - 18
पशुपालन - 538
डेयरी विकास - 31
विधिक माप विज्ञान - 45
न्याय - 1600
माध्यमिक शिक्षा - 2790
अल्प संख्यक कल्याण निदेशालय - 69
विद्यालयी शिक्षा - 17
समाज कल्याण - 102
राजस्व - 2486
सर्वेक्षण - 160
वन विभाग - 1738
राज्य कर - 1128
सिंचाई - 703
न्याय - 2028