15 दिन चला भारत-अमेरिकी सैनिकों का संयुक्त युद्धाभ्यास मंगलवार सुबह भव्य परेड के साथ संपन्न हो गया। दोनों देशों के अधिकारियों ने एक-दूसरे को प्रतीक चिन्ह भेंट किए। इस अवधि में अमेरिकी सेना को भारतीय सेना ने आतंकवाद से निपटने की बारीकियां सिखाईं।
अमेरिका के 250 सैनिकों ने लिया हिस्सा
सुबह चौबटिया में सेना के गरुड़ा मैदान में दोनों देशों के सैनिकों ने अपने-अपने देश के झंडों के साथ परेड में हिस्सा लिया। इस युद्धाभ्यास में अमेरिका के 250 सैनिकों ने भाग लिया, जबकि भारत के भी 250 सैनिक इस अभ्यास में शामिल हुए। युद्धाभ्यास के दौरान अधिकारियों ने अनुभव साझा किए।
अमेरिका ब्रिगेड की कमान संभाल रहे अमेरिकी इंफेंट्री के ब्रिगेड कमांडर हेसकिंग्स ने कहा कि इस युद्धाभ्यास के अनुभव शानदार रहे। आतंकवाद से लड़ने में यह अनुभव काम आएंगे।
उन्होंने कहा कि युद्धाभ्यास के साथ-साथ सैनिकों ने पहाड़ी क्षेत्रों के जंगलों और प्रकृति का भी आनंद उठाया।
मिलकर चला सकते हैं अभियान
भारतीय सेना के मेजर जनरल अश्विनी कुमार ने कहा कि भविष्य में भी जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। दोनों देशों के अधिकारी और सैनिक एक-दूसरे के गले मिले। भारतीय सेना की ओर से अमेरिकी सैनिकों को विदाई दी गई।