केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत न सिर्फ मिसाइल बनाएगा, बल्कि इसका निर्यात भी करेगा। देश को जल्द ही परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) की सदस्यता मिलने वाली है। मिसाइल कंट्रोल रिजीम में भी हमारी हिस्सेदारी होगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। अमेरिका में भी मोदी की कूटनीतिक कुशलता की सराहना हो रही है।
राजनाथ सिंह शुक्रवार को ओएनजीसी सभागार में उत्तराखंड पब्लिक फोरम की ओर से आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान मोदी सरकार ने प्रक्रियात्मक व संरचनात्मक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
इस कोशिश का ही परिणाम है कि आज हम विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हैं। यूपीए सरकार के कार्यकाल में आर्थिक कुप्रबंध का दौर था। सिस्टम में पारदर्शिता नहीं थी।
'सीमा पार से फायरिंग हो तो अपनी गोलियां न गिनें जवान'
राजनाथ सिंह
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे को लेकर भी ठोस कदम उठाए हैं। घुसपैठ में 50 फीसदी की कमी आई है, माओवाद 37 फीसदी कम हुआ है। उग्रवाद भी बहुत कम हुआ है। सीमा पार से होने वाली फायरिंग को लेकर भी सेना को यह निर्देश है कि पहली गोली अपनी ओर से नहीं चलनी चाहिए।
इसके बाद अगर सीमा पार से फायरिंग होती है फिर हम अपनी गोलियां न गिनें। अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रबुद्धजनों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया।
इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यपाल मलिक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, विधायक हरबंस कपूर, मेयर विनोद चमोली, पूर्व विधायक हरक सिंह रावत, झारखंड के प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल, उत्तराखंड पब्लिक फोरम के उमेश अग्रवाल, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) ओपी कौशिक ने और संचालन अजय जोशी ने किया।