सूत्र बताते हैं कि तकलाकोट से दार्चिन तक चीन कई सैन्य टुकड़ियों के रहने के लिए पक्के निर्माण करा रहा है। हालांकि, भारतीय सुरक्षा बल चीन के हर एक हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।
वहीं, चीन से विवाद के बाद पहली बार आईटीबीपी और भारतीय सेना के जवान 10 हजार फुट से 16 हजार फुट तक की ऊंचाई पर देश की रक्षा के लिए तैनात हैं।
मिलम बॉर्डर पर भारतीय वायुसेना सक्रिय
पिथौरागढ़ जनपद की जोहार घाटी के मिलम, दुंग सीमा पर सड़क का निर्माण न होने से चीन सीमा पर वायुसेना की सक्रियता काफी देखी जा रही है। मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण बीआरओ तेजी से कर रहा था, लेकिन बर्फबारी के बाद श्रमिकों को निचले इलाकों में भेज दिए जाने से इस काम में रुकावट आ गई है।
सीमा पर भारतीय सेना, आईटीबीपी के अलावा वायुसेना भी अपने लड़ाकू विमानों से मिलम सीमा पर लगातार निगहबानी कर रहीं हैं। सीमा पर तैनात जवानों के लिए मालवाहक चिनूक से लगातार सामान भेजा जा रहा है।